चंडीगढ़ – पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हरियाणा के कई गांवों के प्रदर्शनकारी सरपंचों को चंडीगढ़-पंचकूला सीमा से हटाया गया। न्यायालय ने अधिकारियों को रात 10 बजे तक सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटाने का निर्देश दिया था। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शनकारी ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए ई-निविदा प्रणाली के खिलाफ एक मार्च से पंचकूला को चंडीगढ़ से जोड़ने ली सड़क पर धरना दे रहे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विरोध कर रहे सरपंचों को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके द्वारा सड़क के एक ओर लगाए गए तंबुओं को भी हटाया गया। पंचकूला के दो निवासियों ने सड़क को अवरुद्ध करने के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख कर कहा था कि इससे न केवल उन्हें असुविधा हो रही है, बल्कि एंबुलेंस, स्कूल बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो रही है।
हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि नाकेबंदी को हटाने के प्रयास किए जा रहे है और कहा कि सड़क के तरफ से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया है। अदालत ने कहा, ‘‘संघों या लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन उन स्थानों पर जो इसके लिए निर्धारित किए गए हैं। यह उन्हें आम जनता को असुविधा में डालने का लाइसेंस नहीं देता है, क्योंकि इससे लोगों को परेशानी होती है। अदालत ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा कानून को अपने हाथों में लेना स्वीकार्य नहीं है।












