चंडीगढ़ – देश की खुफिया एजेंसियों ने पंजाब के 30 साल के सिख उपदेशक व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद एक डोजियर तैयार किया है, जिसमें अमृतपाल की 10 से ज्यादा हेट स्पीच, उसके सहयोगियों द्वारा हथियारों के प्रदर्शन, उसके ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर के दौरों और साइबर स्पेस व सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया है। सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियां अब अमृतपाल के फंडिंग रूट के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही हैं और सभी फाइनेंसरों की भूमिका को भी स्कैन कर रही हैं।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय में इस सप्ताह की शुरुआत में एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। एक सूत्र ने कहा कि बैठक में उन्होंने पंजाब में मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में और वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह संधू के बारे में भी चर्चा की थी। अमृतपाल ने अपने समर्थकों के साथ अजनाला पुलिस स्टेशन पर गिरफ्तार सहयोगी तूफान सिंह की रिहाई के लिए हमला बोल दिया था।
हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है, लेकिन अजनाला की घटना को लेकर अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अब तक उपद्रव मचाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की है। इस घटना में पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और एसपी जुगराज सिंह सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजीपी गौरव यादव ने घायल पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर अमृतपाल और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि इस संबंध में न तो पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज किए और न ही प्राथमिकी दर्ज की। रिपोर्ट में एसएसपी सतिंदर सिंह के हवाले से पुष्टि की है कि अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।












