मेरे सपनों की रानी कब आएगी….

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उद्भव उत्सव के तीसरे दिन आयोजित की गई एकल शास्त्रीय नृत्य और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक की प्रतियोगिता

ग्वालियर।

मोरा पिया मोसे बोलत नाहीं… मैं तो श्याम की दीवानी ….. जैसे बोल के साथ युवतियों ने एकल शास़्त्रीय नृत्य के जरिए अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सोचने पर मजबूर कर दिया तो वहीं दूसरी ओर बाल संगीतकारों ने इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक के माध्यम से मेरा जूता है जापानी…मेरे सपनों की रानी … और ये मेरा दिल प्यार का दीवाना की धुन बजाकर लोगों को जमकर थिरकाया।
ग्रीनवुड उद्भव उत्सव के तीसरे दिन सिंधिया कन्या विद्यालय के सभागार में एकल शास्त्रीय नृत्य और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक प्रतियोगिता आयोजित की गई। जहां शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ ही म्यूजिक का फ्यूजन देखेने को मिला।
–शास्त्रीय नृत्य ने मोहा मन
तीन आयु वर्ग के लिए दो श्रेणी में रखी गई इस प्रतियोगिता में 40युवतियों ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथक, मोहिनी अट्टम, ओडिसी और सत्त्रिया नृत्य के जरिए वैष्णव, शैव और प्रकृति के विषय का बेहद खूबसूरत तरीके से प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महुआ शंकर, वानी माधव एवं कविता एस पिल्लई ने विजयी प्रतियोगियों का चयन किया। —इंस्ट्रूूमेंटल म्यूजिक की धूम
म्यूजिक प्रतियोगिता में पॉंच स्कूलों ने बैंड का प्रदर्शन किया। ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल के बच्चों ने पंजाबी वेशभूषा में सजधज कर शानदार प्रस्तुति दी। भोपाल के बिल्ला बॉंग स्कूल के विद्यार्थियों ने धमाकेदार प्रस्तुति से सभी को रोमांचित कर दिया। संस्कृति द गुरुकुल गुवाहाटी के विद्यार्थियों ने भी बेहतरीन बैंड बजाया।

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