भोपाल -18वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) पदमा जाटव की कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को सुनवाई पूरी होने पर दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अन्य धाराओं में 5 लाख 10 हजार रूपए की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है।
अर्थदण्ड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को आठ साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। आरोपी को सजा दिलाने में पीड़िता, पीड़िता के परिजन के कथन और मेडिकल जांच रिपोर्ट सहित नवजात, पीडिता व आरोपी की डीएनए रिपोर्ट मुख्य आधार बने।
मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक टीपी गौतम, सरला कहार एवं गुंजन गुप्ता द्वारा की गई है। लोक अभियोजन ने बताया कि पीड़िता ने परिजन के साथ टीटी नगर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह कक्षा छठवीं में पढ़ती है। पड़ोस में रहना वाला आरोपी खाने पीने की चीजे बेचता है, और कई बार पीड़िता को खाने की चीजें देता था। दिसंबर 2018 में आरोपी ने उसे चीजे देने के बहाने घर पर बुलाया, और किशोरी के उसके घर पहुंचने पर आरोपी ने उसके साथ जर्बदस्ती गलत कर डाला। बाद मे आरोपी ने घटना के बारे में किसी का बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर के कारण किशोरी ने उसकी करतूत किसी को नहीं बताई।
इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ करीब एक साल तक कई बार दुष्कर्म किया था। बाद में नाबालिग के पेट में दर्द होने पर मां को उसकी शारीरिक हालत देख संदेह हुआ तो उन्होनें बेटी से पूछताछ कि जिसके बाद पीड़िता ने सारी बात बता दी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।












