निगमायुक्त ने टेंडर कर दिया था निरस्त, हाई कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
विशेष संवाददाता, ग्वालियर।
सत्ता के साथ के चलते प्रदेश के सबसे ताकतवर मानी जा रही सांवरिया सेठ एडवर्टाइजिंग फर्म को ग्वालियर नगर निगम प्रशासन ने तगड़ा झटका दिया है। नियमों की अवहेलना करने पर पिछले दिनों निगमायुक्त हर्ष सिहं ने कड़ा कदम उठाते हुए इस फर्म का टेंडर निरस्त कर होर्डिंग्स के स्ट्रक्चर राजसात करने के आदेश दिये थे। इसके विरोध में फर्म ने हाई कोर्ट ग्वालियर की शरण ली थी। वहां से भी राहत नहीं मिली तो निगम ने मंगलवार-बुधवार की रात इस फर्म के चार स्थानों पर डिवाइडरों पर अवैध रूप से खड़े स्ट्रक्चर उखाड़कर जब्त कर लिये। बिल्लू बादशाह की इस खबर पहले ही दिन से इस खबर को प्रमुखता से उजागर किया है।

डिवाइडरों पर अवैध रूप से लगाए थे होर्डिंग्स
सांवरिया सेठ नामक फर्म ने कलेक्ट्रेट रोड, महाराजपुरा रोड तथा विक्की फैक्ट्री के पास डिवाइडरों के बीच अवैध रूप से होर्डिग्स खड़े कर दिये थे। निगम अधिकारी इस फर्म से अवैध उगाही कर रहे थे। बिल्लू बादशाह ने इस घोटाले को उजागर किया था। इसके बाद निगमायुक्त हर्ष सिंह ने सख्ती बरतते हुए फर्म का टेंडर निरस्त कर दिया था। फर्म ने हाई कोर्ट की भी शरण ली लेकिन निगमायुक्त के निर्देशन में निगम की लीगल सेल के नोडल अधिकारी अनूप लिटोरिया ने अभिभाषकों से मजबूत जबाव तैयार कराया। आखिर फर्म को अदालत ने भी कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने फर्म की याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिये कि वे निगम की अपील समिति में अपना पक्ष रख सकते हैं। आचार संहिता के चलते अभी अपील समिति अस्तित्व में नहीं है। इसलिए निगम प्रशासन ने ढिलाई न बरतते हुए होर्डिंग्स स्ट्रक्चर उखाड़कर जब्त कर लिये। उपायुक्त अनिल दुबे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
अवैध रूप से फर्म का कब्जा
फर्म संचालक ने निगम अधिकारियों का कितना मजबूत गठजोड़ है, दूसरे मामले से समझा जा सकता है। इस फर्म ने निगम मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी पर रूप सिंह स्टेडियम में अवैध कब्जा कर रखा है। वहां बिजली का कनेक्शन भी मिल गया है। इस स्थान पर होर्डिंग्स के स्ट्रक्चर बनाए जाते और वहीं निगम की जमीन पर रख दिये जाते हैं। कई सालों से यह कब्जा है जबकि निगम यदि इसका किराया लेता तो लाखों रुपए निगम के खजाने में जमा होते और निगम की कंगाली दूर होने में दो बूंद जिंदगी की जुड़ जाती। लेकिन निगम का राजस्व विभाग उस पर मेहरबान है या पार्टनरी, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब अवैध होर्डिंग्स पर होगी कार्रवाई
होर्डिंग्स का अवैध कारोबार कई साल से चल रहा है। इसमें कुछ फर्म संचालकों का निगम अधिकारियों से मजबूत गठजोड़ रहता है। अभी भी शहर में अवैध होर्डिंग्स लगे हैं जिससे निगम को लाखों रूपए की चपत लग रही है। अधिकारियों की जेब में भी पैसा जा रहा है।
इनका कहना है
अवैध होर्डिंग्स नहीं लगने देंगे। जांच के लिए निर्देश दिए हैं। ऐसे मामले सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
जब्त कर लिए स्ट्रक्चर
सांवरिया सेठ फर्म की ओर से डिवाइडर पर अवैध रूप से होर्डिंग्स से लगाए थे उन्हें हटा दिया है और जप्त कर लिया है ।
अनिल दुबे डिप्टी कमिश्नर ननि
हर्ष सिंह, निगमायुक्त












