बिना गारबेज शुल्क के 6% छूट के साथ संपत्ति कर जमा करने की तिथि 20 दिवस बढाई जाएगी
ग्वालियर,गारबेज शुल्क से जनता को राहत दिलाने के मामले में विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेता पीछे हट गए हैं । अब यह कमान मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स यानी व्यापारियों ने संभाली है । चेम्बर ऑफ कॉमर्स लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है। शुक्रवार को इस संबंध में शासन स्तर पर लंबित प्रस्ताव का अनुमोदन कराने एवं बिना गारबेज शुल्क के 6% छूट के साथ सम्पत्ति कर जमा कराने की तिथि बढाए जाने की मांग को लेकर चेम्बर का प्रतिनिधिमण्डल आज जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट से मिला।
इस अवसर पर चेम्बर अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष-हेमंत गुप्ता, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल द्बारा एक ज्ञापन भी माननीय प्रभारी मंत्री को सौंपा गया। प्रभारी मंत्री से भेंट के दौरान निगमायुक्त किशोर कान्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष-श्री अभय चौधरी, सभापति नगर निगम-श्री मनोज तोमर आदि उपस्थित रहे।
चेम्बर पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराया कि ग्वालियर में जो गारबेज शुल्क करदाताओं पर आरोपित किया गया है वह भोपाल, इंदौर, जबलपुर की तुलना में किसी-किसी वर्ग पर 50 गुना से भी अधिक है।
लेकिन अफसोस…
परिणामत: ग्वालियर शहर के व्यापारी-उद्योगपतियों पर भारी आर्थिक दबाव और इसे जमा करने के लिए जिम्मेदारों द्बारा लगातार दबाव बनाने के कारण वह मानसिक रूप से व्यथित हैं। लगभग 8 माह पूर्व आपके ग्वालियर प्रवास के दौरान चेम्बर के प्रतिनिधिमण्डल द्बारा ज्ञापन के माध्यम से यह विषय आपके संज्ञान में लाया गया था और आपके द्बारा भी तत्काल भोपाल स्तर व स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से बात करने के बाद यह आश्वस्त किया था कि 15 दिवस के अंदर आपकी जायज मांग को मान लिया जायेगा, लेकिन अफसोस है कि आपके निर्देश के बावजूद भी इसका निराकरण आज दिनांक तक नहीं किया गया है।
निगम कमिश्नर को प्रभारी मंत्री लिए भोपाल बुलाया
पदाधिकारियों ने बताया कि MPCCI व ग्वालियर के व्यापारी-उद्योगपति, अधिकारियों के इस रवैये से भारी पीड़ित हैं और उनमें सरकार के प्रति नाराजगी है क्योंकि गारबेज शुल्क को संपत्ति कर से लिंक कर दिया गया है, जिसकी वजह से करदाता अपना संपत्ति कर जमा नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें 6% छूट का नुकसान हो रहा है।
पदाधिकारियों की बात को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने निगम कमिश्नर किशोर कान्याल से कहा कि आप भोपाल आयें, मैं आपके साथ संबंधित विभाग में चलूँगा और इस मसले को जो चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने उठाया है, उस अनुसार हल कराऊंगा। वहीं ग्वालियर की जनता को कोई आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए 6% छूट के साथ संपत्ति कर, बिना गारबेज शुल्क के जमा करने की तिथि 20 दिवस बढाई जाये।
उधर, कैट भी आक्रोशित
उधर, कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन और महामंत्री रवि गुप्ता ने अपनी एक विज्ञप्ति में कहा कि लंबे समय से चला आ रहा गार्बेज शुल्क को हटाने अथवा युक्तियुक्त करने के स्थान पर उसे वसूली के लिए कभी संपत्ति कर के साथ जोड़ दिया जाता है और कभी प्रथक कर देते हैं .जिसके कारण अधिकांश व्यक्तियों का गार्बेज शुल्क जमा भी हो गया है और जिन्होंने अभी तक गार्बेज जमा नहीं किया है उनकी देनदारी बनी हुई है।
कैट ने ज्ञापन, धरना एवम प्रदर्शनों के माध्यम से लगातार यह मांग की है कि गार्बेज शुल्क को या तो पूरी तरह से हटाया जावे अथवा युक्तियुक्त कर उसे व्यवहारिक किया जावे।












