एसजीपीसी ने सिख विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस व पीसीएस परीक्षाओं को तैयार करने चंडीगढ़ में एकैडमी खोली

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अमृतसर – एसजीपीसी ने गुरुसिख विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस तथा पीसीएस की परीक्षाओं के लिये तैयार करने को चंडीगढ़ में निश्चय एकैडमी खोली है। इसके लिये एसजीपीसी ने एक इंस्टीट्ट से समझौता किया है। समझौते के तहत हर साल 25 गुरुसिख बच्चों का खर्चा शिरोमणि कमेटी करेगी। यह जानकारी कमेटी प्रधान हरजिन्द्र सिंह धामी ने कमेटी की आंतरिक मीटिंग में दी। एसके साथ ही कमेटी ने कई फैसले किये।

एसजीपीसी ने सिख विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस व पीसीएस परीक्षाओं को तैयार करने चंडीगढ़ में एकैडमी खोली

उन्होंने कहा कि आंतरिक कमेटी ने 25 गुरुसिख बच्चों को मुकाबला परीक्षाओं के लिए उक्त एकैडमी में मैरिट के अनुसार तैयारी करवाने को मंजूरी दी है। यह कार्य इस 1 अप्रैल से शुरू किया जाएगा और हर वर्ष जारी रहेगा। इस बार 25 बच्चों के अतिरिक्त 10 अन्य बच्चों का यूनाइटेड सिंह सभा फाउंडेशन के नेता भाई राम सिंह की ओर से खर्चा करने की सहमति दी गई है, जिसके फलस्वरूप पहले वर्ष 35 गुरुसिख बच्चे परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने आंतरिक कमेटी के अन्य फैसलों के बारे में कहा कि इस बार शिरोमणि कमेटी का बजट इजलास 28 मार्च को तेजा सिंह समुंद्री हाल में दोपहर 1 बजे होगा। इस दौरान शिरोमणि कमेटी, धर्म प्रचार कमेटी, ट्रस्ट, जनरल बोर्ड फंड, गुरुद्वारा साहिबान, प्रैस और शिक्षा अदारों का बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट संबंधित बनाई गई सब कमेटी ने अपनी सिफारिशें दी हैं जिसके अनुसार बजट प्राथमिकताएं निर्धारित की जाएंगी।

तरिक कमेटी ने सरकारों की ओर से सिख मामलों में सीधे हस्तक्षेप का गंभीर नोटिस लिया। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्री गुरु नानक देव जी के पावन स्थान गुरुद्वारा गुरु डांगमार सिक्किम के इतिहास को रद्द करके सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि इस गुरुद्वारा साहिब का श्री गुरु नानक देव जी से सीधा संबंध है और यहां गुरु साहिब 1515-1516 में तीसरी उदासी में पहुंचे थे। इसका केस शिरोमणि कमेटी की ओर से सिक्किम हाईकोर्ट में लड़ा जा रहा है, पर केंद्रीय मंत्री ने एकतरफा बयान देकर अपने संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंघन किया है। तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री हजूर साहिब, दिल्ली कमेटी और अब हरियाणा कमेटी के मामले में सरकारों ने जानबूझ कर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी सरकारी हस्तक्षेप के विरुद्ध संघर्ष तेज करेगी। इस गंभीर मामले पर पूरे भारत में अल्पसंख्यकों से संबंधित और मानव अधिकारों का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों से सम्पर्क करके एक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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