नई दिल्ली। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कंगाली के बीच अब रोजाना देशवासियों पर ही नया जुर्म ढाना शुरू कर दिया है। भयानक नकदी संकट से जूझ रहे पड़ोसी मुल्क पहले से ही आसमान छूती महंगाई, बिजली-पानी, एलपीजी गैस, पेट्रोल, खाद्यान्न और दवा के संकट से हलकान है। अब पाकिस्तानियों पर सरकार ने अब नया बोझ डालने की तैयारी कर ली है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शहबाज शरीफ कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति जल्द ही 150 दवाओं की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है। एक दिन पहले ही वित्त मंत्री इशाक डार ने चार महीने के अंदर पाकिस्तानियों से 170 अरब रुपये टैक्स वसूली करने का ऐलान किया है।

वित्त मंत्री इशाक डार ने नए टैक्स का ऐलान आईएमएफ द्वारा लोन की किस्तें जारी करने पर कोई फैसला नहीं लिए जाने और आईएमएफ की टीम के लौटने के फौरन बाद किया। इससे पहले 10 दिनों तक आईएमएफ की टीम प्रधानमंत्री शरीफ के अनुरोध पर बेलआउट पैकेज देने के लिए आर्थिक मसौदे पर पाकिस्तानी पक्ष से बातचीत कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सभी सिफारिशें मानने को बाध्य पाकिस्तान सरकार ने बिजली दरों को भी बढ़ाने का फैसला किया है। पिछले महीने पाकिस्तान में बिजली की दरों में इजाफा किया जा चुका है। पाकिस्तान 2019 में इमरान खान सरकार के दौरान आईएमएफ के 6 अरब डॉलर कार्यक्रम का हिस्सा बना था, जिसे पिछले साल बढ़ाकर 7 अरब डॉलर कर दिया गया था। कार्यक्रम की नौवीं समीक्षा 1.18 अरब डॉलर जारी करने के लिए आईएमएफ अधिकारियों और पाकिस्तान सरकार के बीच चल रही थी, जो फेल हो गई है।











