उज्जैन – संस्था नवसंवत् नवविचार द्वारा आयोजित 26वें अ.भा.विक्रमोत्सव के अन्तर्गत विक्रम संवत् 2080 के आगमन पर उल्लासपूर्वक इन्द्र ध्वज चल समारोह महावीर कीर्ति स्तंभ फव्वारा चौक से गोपाल मंदिर तक निकाला गया।
संस्था अध्यक्ष डॉ.योगेश शर्मा और डॉ.दिनेश जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2080 के आगमन का उल्लास सृष्टि के प्रारंभ का अवसर है जिसे जनमानस द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत करने की परंपरा के अन्तर्गत मनाए जा रहे अ.भा.विक्रमोत्सव में 22 मार्च को प्रातः 9.30 बजे से श्री महावीर कीर्ति स्तंभ फव्वारा चौक से विशाल इन्द्र ध्वज चल समारोह निकाला गया।

इस इन्द्रध्वज चल समारोह में जनमानस के साथ हाथी, घोड़े, बग्गी और परम्परा के साथ नर्तक हर्ष ध्वनि के साथ मंगल गान करते हुए चल रहे थे।
चल समारोह शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ गोपाल मंदिर पहुंचा जहां विधि विधान से मंदिर पर इन्द्रध्वज के साथ गुड़ी आरोहण किया गया। यही कालिदास अकादेमी के निदेशक डॉ.संतोष पण्ड्या ने जनमानस को ‘‘जीव रक्षा’’ का हेमाद्रि संकल्प दिलवाया।
इससे पूर्व प्रातः 6.27 बजे क्षिप्रा तट पर नववर्ष आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में सूर्य को अर्ध्य देकर नवसंवत् का हर्ष ध्वनि के साथ आगमन किया गया। यही मंगल ध्वनि और मंत्रोच्चार के साथ विविध आयोजन किये गये। यहां कालगणना के देवज्ञ पं.आनंदशंकर व्यास ने वर्ष की कालगणना का वाचन भी किया।
चल समारोह में सर्वश्री सत्यनारायण पंवार, पूर्व विधानसभा उम्मीदवार विवेक यादव, ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र चतुर्वेदी, सनाढ्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष शिवनारायण शर्मा, पूर्व पार्षद अशोक सारवान, सांदीपनि महाविद्यालय के संरक्षक पं.मनीष शर्मा, वासुदेव रावल, गोपाल बागरवाल, सुभाष यादव, प्रतीक जैन, हेमन्तसिंह चौहान, धर्मेन्द्र गुप्ता, संचित शर्मा, रामनारायण चौबे, सुशील जैन, प्रवीण चौबे, अजीत पोरवाल, अर्जुन माहेश्वरी, राधाकिशन कारवाल आदि उपस्थित थे।







