OBC को झटका, फिलहाल 14 % ही मिलेगा आरक्षण

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हाई कोर्ट ने ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का पूर्व अंतरिम आदेश रखा बरकरार
जबलपुर।

हाई कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)को 27 प्रतिशत आरक्षण देने को चुनौती देने के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस मुद्दे से जुडी कुछ याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। साथ ही राज्य शासन को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के शीघ्र निराकरण कराने ठोस कदम उठाएं। सुप्रीम कोर्ट आदेश आने से पहले हाई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकता। प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी, 2023 को निर्धारित कर दी। साथ ही आगामी सुनवाई तक ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का अंतरिम आदेश बरकरार रखा।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी, अंशुमान सिंह, सुयश ठाकुर व अन्य ने पक्ष रखा। वहीं ओबीसी के विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक शाह ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक याचिका वापस वापस ले ली है। तीन याचिकाएं पहले से लंबित हैं। सात नवंबर, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण के मामले में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक मान्य किया है। मध्य प्रदेश में ओबीसी की 51 प्रतिशत जनसंख्या है। इसे दृष्टिगत रखते हुए 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाना संवैधानिक है। संविधान में आरक्षण की अधिकतम सीमा क्या होगी यह राज्य सरकार का क्षेत्राधिकार है। राज्य शाासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत रूपराह ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों की त्वरित सुनवाई करने की आवश्यक कार्रवाई कर हाई कोर्ट को अवगत कराएं।

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