कबाड़ से जुगाड़: जेयू में बेकार पड़ी वस्तुओं से आर्टिस्टों ने बनाया बरगद ट्री

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कला कौशल की प्रशंसा

ग्वालियर।

कबाड़ से जुगाड़ ये अल्फ़ाज सुनकर सबसे पहले दिल में यही बात आती है कि कबाड़ यानी कि वो साजो सामान जिसे इस्तेमाल में ना आने के चलते कूड़े में फेंक दिया जाता है,लेकिन वही कबाड़ का सामान अब जेयू की सजावट में काम आ रहा है।दरअसल,जेयू में जयपुर आर्ट समिट का वार्षिक आयोजन किया जाना है इस हेतु फाइन आर्टिस्ट एकत्रित हुए है।उन्होंने जेयू में पड़े वेस्ट मटेरियल से अधिष्ठापन कला के माध्यम से बरगद ट्री का निर्माण किया है।इन्हें रंगकर आकर्षक किया जाएगा।इस कला कौशल की चहुँओर प्रशंसा हो रही है। यह बरगद ट्री पक्षियों के लिए बसेरा बनेगा।इस बरगद ट्री में लगभग 500 किग्रा वज़न होगा इसका निचला हिस्सा भारी व ऊपरी हिस्सा हल्का होगा। ग्वालियर चंबल में यह वेस्ट मटेरियल से बनाया जाने वाला पहला स्थान है। ग्वालियर फाइन आर्ट विवि के छात्र छात्राओं ने इसमें भाग लिया और कला को सीखा।जेयू के कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी ने कहा कि यह एक नई पहल है छात्रों को इससे मोटिवेशन मिलेगा।फाइन आर्टिस्ट हंसराज चित्रभूमि व सविता वर्मा (शर्मा) का कहना है कि इस कबाड़ से जुगाड़ कर अधिष्ठापन कला को प्रदर्शित किया गया है।बरगद ट्री के रूप में वेस्ट मटेरियल से नया रूप दिया गया है। इसका सौन्दर्यकरण कर नया रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फाइन आर्ट के अधिक से अधिक छात्र इसमें भाग लें मेहनत करें छात्र इस कला को सीखें और भारतीय कला में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।इस अवसर पर डॉ.अमिता खरे,शैलेन्द्र भट्ट,सविता वर्मा (शर्मा),हंसराज चित्रभूमि सहित फाइन आर्ट के छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।

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