“महल” के दबाव में आ गई ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ? लोक अभियोजक विजय शर्मा सहित सातों वकीलों को फिर बना दिया सरकारी वकील 

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हरीश चंद्रा@billubadshah”

महल” के दबाव में आ गई ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ? लोक अभियोजक विजय शर्मा सहित सातों वकीलों को फिर बना दिया सरकारी वकील, जबकि उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपए कीमत की सरकारी जमीनें भू-माफियाओं की हो चुकी हैं, विजय शर्मा पर यह आरोप लगे हैं और जांच भी विचाराधीन है।  कलेक्टर ने यह जरूर किया है कि इन्हें जमीनों यानी राजस्व सिविल के मामलों से हटा दिया है

विजय शर्मा व अन्य 6 सरकारी वकीलों का कार्यकाल 10 मई को खत्म हो गया था , जबकि सरकार ने उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया है और ना ही उनकी नई नियुक्ति आदेश जारी हुए हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर के फैसले से माना जा रहा है कि उन पर “महल” का दबाव रहा है, क्योंकि विजय शर्मा अप्रत्यक्ष तौर पर महल से जुड़े हैं।

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10 मई को कार्यकाल हुआ खत्म
उल्लेखनीय है कि विजय शर्मा पिछले 6 साल से लगातार लोक अभियोजक पद पर पदस्थ है और उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपए कीमत की दो दर्जन से ज्यादा सरकारी जमीनें भू माफियाओं के हवाले हो चुकी हैं। सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम हो गई, इसको लेकर मध्य प्रदेश सरकार तक उनकी कई गंभीर शिकायत में पहुंची है। यहां तक की कलेक्टर रुचिका चौहान तक भी उनकी कई शिकायत पहुंच चुकी है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने उनका कार्यकाल ना बढ़ाते हुए सातों वकीलों का कामकाज दूसरे सरकारी वकीलों को सौप दिया था। कलेक्टर ने अब सभी सातों वकीलों को पुनर्स्थापित करते हुए उन्हें काम सौंप दिया है। न्यायालय में कलेक्टर का यह आदेश चर्चा का विषय बन गया है।

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