गूगल मीट के जरिए संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
आपदा प्रबंधन के लिये पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर दिया जोर
आम जन से की अपील असुरक्षित बोर, कुँओं व बावड़ियों की जानकारी अपने क्षेत्र के एसडीएम को दें
ग्वालियर 02 अप्रैल 2023/ ग्वालियर शहर सहित सम्पूर्ण जिले में खुले बोर, कुँए, बावड़ी व असुरक्षित जलाशयों इत्यादि का तीन दिन के भीतर सर्वे कराएँ। इन सभी संरचनाओं को आम जन के लिये सुरक्षित करने के साथ-साथ इनके समीप भारतीय दंड संहिता की धारा-133 व 144 का उल्लेख करते हुए बोर्ड भी प्रदर्शित कराएँ। इस आशय के निर्देश कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने गूगल मीट के जरिए जिले के सभी एसडीएम, नगर निगम, होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों को दिए। उन्होंने हाल ही में इंदौर में हुई दु:खद दुर्घटना से सबक लेकर आपदा प्रबंधन की पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

कलेक्टर सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि ग्वालियर शहर सहित जिले में कहीं भी अगर कोई खुला बोर, असुरक्षित कुआ व बावड़ी इत्यादि हो तो उसकी जानकारी अपने क्षेत्र के एसडीएम, नगरीय निकाय एवं ग्वालियर में नगर निगम के अधिकारियों को अवश्य दें, जिससे इन संरचनाओं को आम जन के लिये सुरक्षित किया जा सके।
गूगल मीट में नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, अपर जिला दण्डाधिकारी एच बी शर्मा, जिले के सभी एसडीएम तथा होमगार्ड, नगर निगम, जल संसाधन, पीएचई एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
कलेक्टर सिंह ने गूगल मीट में जोर देकर कहा उन्होंने कहा कार्ययोजना को अंतिम रूप देने से पहले बारीकी से सर्वे का काम करें। सभी कुँए, बावड़ी व खुले बोर इत्यादि की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी कराई जाए। उन्होंने निजी कुँए, बावड़ी इत्यादि की सुरक्षा के लिये संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए। खुले बोर को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी पीएचई, तालाबों व जलाशयों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी जल संसाधन एवं नगर निगम क्षेत्र के भीतर स्थित कुँए, बावड़ियों को सुरक्षित करने की जवाबदेही नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी को सौंपी गई है।
जिले के लिये आपदा प्रबंधन की पुख्ता कार्ययोजना बनाने पर जोर देते हुए कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि कार्ययोजना में इस आशय का स्पष्ट उल्लेख हो कि कौन-कौन सी सामग्री आपदा प्रबंधन के लिये तत्काल उपलब्ध होगी और कौनसी वस्तुएँ टेलीफोन से संपर्क के बाद मिलेंगीं। उन्होंने कहा आपदा प्रबंधन के लिये जरूरी मूलभूत सामग्री मसलन रस्सी, हेलमेट, टॉर्च, जाली का इंतजाम बड़ी-बड़ी मशीनों को तत्काल मँगाने के लिये कॉन्टेक्ट नम्बर, गोताखोरों की जानकारी व कॉन्टेक्ट नम्बर इत्यादि जानकारी कार्ययोजना में समाहित हो। कलेक्टर सिंह ने यह भी कहा कि एसडीएम सहित अन्य अधिकारी अपने वाहन में भी रस्सी, टॉर्च, हेलमेट व जाली इत्यादि रखें।
नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने गूगल मीट में जानकारी दी कि नगर निगम में पूर्व में 3 हजार कुँए व बावड़ियों का सर्वे कर जियो टैगिंग कराई गई है। यह सूची उपलब्ध है। कलेक्टर सिंह ने इस सूची को अपडेट कर संबंधित लोगों के कॉन्टेक्ट नम्बर शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिला दण्डाधिकारी एच बी शर्मा ने सेनानी होमगार्ड को निर्देश दिए कि वे कलेक्ट्रेट में उपलब्ध आपदा प्रबंधन कार्ययोजना को संबंधित एसडीएम एवं नगर निगम के अधिकारियों से समन्वय कर अपडेट कराएँ।
नियमित रूप से मॉकड्रिल होती रहे
कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने होमगार्ड के कमाण्डेंट को निर्देश दिए कि एहतियात बतौर नियमित रूप से आपदा प्रबंधन के संबंध में मॉकड्रिल की जाए। मॉकड्रिल की जानकारी जिला प्रशासन व नगर निगम को भी दी जाए। मॉकड्रिल प्रभावी हो और सभी तरह की आपदाओं को ध्यान में रखकर तैयारियों का प्रदर्शन किया जाए।
कलेक्टर सिंह ने लिया शहर की पुरानी बावड़ी का जायजा
पुराने कुँओं और बावड़ियों को आमजन के लिहाज से सुरक्षित करने के उद्देश्य से कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने रविवार को महाराज बाड़ा क्षेत्र में पहुँचकर सुभाष मार्केट के पीछे एक मंदिर परिसर में स्थित पुरानी बावड़ी का जायजा लिया। उन्होंने एसडीएम लश्कर विनोद सिंह एवं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बावड़ी के ऊपर हुए निर्माण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही बावड़ी को इस प्रकार से सुरक्षित कराएँ, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।












