पांचवा दिवस
ग्वालियर – नीम को कड़वा कहने से मुंह कड़वा नही होता, खांड को खांड कहने से मुंह मीठा नही होता इसी प्रकार राम-राम कहने से नहीं राम के जीवन के आदर्शों का अनुसारण करना होता है। तभी जीवन का कल्याण संभव है। यह विचार साध्वी दीपिका भारती ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से फूलबाग में आयोजित की जा रही श्रीराम कथा के पांचवें दिवस गुरूवार को व्यक्त किये।
हजारां श्रद्धालु श्रोताओं को संबोधित करतें हुए साध्वी दीपिका भारती ने कहा कि जो व्यक्ति राम को नहीं जानता वही व्यक्ति अपने या दूसरे की मृत्यु पर विलाप करता है। जटायू एवं बाली की मृत्यु के समय भगवान उनके समक्ष थे, और भगवान ने उनसे जीवन जीने की इच्छा पूछी किन्तु दोनो ने यह कह कर मना कर दिया कि इस संसार को त्यागते समय जब भगवान स्वयं सामने मौजूद हो तो फिर जीवन की कोई इच्छा शेष नहीं रह जाती।
बाली ने अपनी मृत्यु से पूर्व अपनी गलती का पश्चाताप किया तो भगवान ने उन्हें क्षमा कर दिया। जो अपनी गलतियों को सुधार कर भगवान से क्षमा मांगते हैं। भगवान उन्हें माफ कर देते हैं। बाली कि पत्नी तारा का भी प्रभु श्रीराम ने यह कहकर हद्रय परिवर्तन कर दिया कि यह शरीर भी पंच तत्वों से बना है। चेतना ही शरीर का आधार हैं, चेतना जब शरीर से निकल जाती हैं, तो शरीर किसी काम का नही रहता। उन्होंने कहा कि धर्म के अभाव के कारण सभ्यता से नैतिक मूल्यों का लोप हो रहा है। समाज की दिशा को बदलने के लिए धर्म को जानना जरूरी है।
सृजनात्मक विचारों के साथ भारत की सनातन आध्यात्मिक संस्कृति की ओर इंगित करते हुए दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सामाजिक जागरण का काम कर रहा है।
सुंदरकाण्ड के पीछे छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को उदघाटित करते हुए उन्हांने कहा कि सुंदरकाण्ड भक्ति पथ की यात्रा को दर्शाता है जब जीवन में ईश्वर का पदार्पण होता है तो जीवन स्वतः ही सुन्दर होने लगता है।जीवन में मनुष्य इंसानों के झूठे प्रेम में पड़कर भगवान के सच्चे प्रेम को नही अपनापाता है, जिस कारण वह संसार में दुख प्राप्त करता है किन्तु जो प्रभु के प्रेम में लीन हो जाता है उसे सांसारिक रिश्ते निरर्थक लगने लगते हैं।
इस मौके पर संत कृपाल महाराज पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, ध्यानेन्द्र सिंह, माया सिंह, नारायण सिंह पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, पूर्व साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह, मेला प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, अमितानंद महाराज, भाजपा के प्रदेश मंत्री मुन्ना सिह भदौरिया, संतोष शर्मा मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के महंत गोपाल गुरूजी, नगर निगम के पूर्व सभापति बृजेन्द्र सिंह जादौन, आयोजन अध्यक्ष राजेश सोलंकी, रचना सोलंकी, रामेश्वर भदौरिया, राजीव गुप्ता सोनू बाजपेयी, प्रवीण पाल, मुरारी मित्तल, राजू सेठ, प्रो एके वाजपेयी ने इस मौके पर भगवान की आरती की।












