स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण मुहिम
सिरोल पहाड़ी पर समाज व शासन के साझा प्रयासों से विकसित होगा सिटी फोरेस्ट
ग्वालियर – ग्वालियर शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिये विशेष मुहिम शुरू हुई है। इस मुहिम को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल सिरोल पहाड़ी पर विकसित होने जा रहे सिटी फोरेस्ट और उसके समीप स्थित कारगिल पार्क पहुँचे। उन्होंने सिटी फोरेस्ट के लिए वन विभाग द्वारा कराई जा रही फैंसिंग, पानी की व्यवस्था व पेड-पौधों को संरक्षित रखने के अन्य इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही इन कार्यों को और बेहतर रूप प्रदान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि सिटी फोरेस्ट को समाज और प्रशासन की भागीदारी से मूर्तरूप दिया जायेगा। सिरोल पहाड़ी पर स्वच्छता को केन्द्र में रखकर होने जा रहे इस वनीकरण में शहर के सेवाभावी नागरिक, युवा, सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थायें तथा जिला प्रशासन, नगर निगम, वन व स्कूल शिक्षा विभाग सहित शासन के अन्य विभाग सहभागी बनेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिये सिटी फोरेस्ट में ऐसे प्रयास होंगे, जिससे यह स्थल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बन सके।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि वर्तमान में घटते हुए वन, मानवीय अस्तित्व के लिये बड़ी चुनौती बन गए हैं। इस चुनौती के प्रति जन जागरूकता फैलाकर समाज के सहयोग से इस पुनीत काम को अंजाम देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदेल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिये सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सिटी फोरेस्ट में पुलिस विभाग का भी पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिटी फोरेस्ट शहर को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिये नई ऊर्जा देने का काम करेगा।
स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे अथ युवा फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ. देवेन्द्र दांगी व संयुक्त वन मण्डलाधिकारी राजीव कौशल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
कारगिल पार्क में पक्षियों के लिए होगी सकोरे व दाना-पानी की व्यवस्था
सिरोल पहाड़ी के समीप स्थित कारगिल पार्क के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि पक्षी भी वनों और जंगलों के पारिस्थितिकीय तंत्र का हिस्सा हैं।
पक्षियों का पर्यावरण विविधता बनाए रखने में अहम योगदान होता है। इसलिये कारगिल पार्क में पक्षियों के लिये सकोरे रखें व दाना-पानी की व्यवस्था भी की जाए।












