व्यापम जैसा फर्जीवाड़ा फिर मौन क्यों है निगमायुक्त किशोर कन्याल
ग्वालियर
नगर निगम में आउट सोर्स भर्ती घोटाले में आखिर अब नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल भी संदेह के घेरे में आते जा रहे हैं। कारण यह कि उन्होंने इतने बड़े घोटाले के लिए अब तक कोई भी उच्च स्तरीय कमेटी नहीं बनाई। उन्होंने विशाल जाटव और विष्णु पाल जैसे अदने से कर्मचारियों को निपटा दिया, लेकिन बड़े-बड़े मगरमच्छों को बचा रहे हैं। अब तक तो निगमायुक्त की साख बेहतर थी, लेकिन अब इतने बड़े घोटाले को जिस तरह से दबाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे शहर भर में उनकी छवि धूमिल होती जा रही है।

फर्जीवाड़े में घिरे अधिकारियों, कर्मचारियों के ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उन्हें निलंबित नहीं किया गया।
हम बता दें कि नगर निगम में उनके कार्यकाल में ही करीब 450 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई है। निगमायुक्त के अधीनस्थों ने बेरोजगारों से डेढ़ लाख रुपए तक घुस ली है।












