बोर्ड परीक्षाओं सहित सभी प्रकार की स्कूली परीक्षाओं में ध्वनि
प्रदूषण की वजह से व्यवधान पैदा न हो, इस बात को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों के हित में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने अहम प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
किया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से भारतीय नागरिक
सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (1) (2) के तहत जारी किया गया यह आदेश ग्वालियर
जिले की राजस्व सीमा में 6 फरवरी से 5 अप्रैल 2025 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का
उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में
आयेगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती चौहान ने आदेश में स्पष्ट किया है कि
ग्वालियर जिले के अंतर्गत समस्त उत्सव आयोजन के दौरान लाउड स्पीकर, डीजे, बैंड, प्रेशर
हॉर्न प्रतिबंधित अवधि के दौरान ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 द्वारा
निर्धारित शेड्यूल अनुसार ध्वनि का स्तर मानक सीमा के बाहर प्रतिबंधित रहेगा। रात्रि 10
बजे से प्रात: 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउड स्पीकर, डीजे, बैंड, प्रेशर हॉर्न तथा अन्य
ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने अपने आदेश में कहा है कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की दृष्टि से इसके विनियमन और नियंत्रण की आवश्यकता है। यह आदेश
आम जनता के महत्व का है और आम जनता को संबोधित है। जिसकी क्रमश: सूचना दी जाना
संभव नहीं होने से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (2) के तहत एक
पक्षीय पारित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति इस संबंध में अपनी आपत्ति / आवेदन भारतीय
नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (5) के तहत जिला दण्डाधिकारी को प्रस्तुत कर
सकेगा।












