युवाओं को जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन पर करना चाहिए अध्ययन: भुवन भूषण

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ग्वालियर।जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के भारत रत्न मिलने पर यशश्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के आभार और सम्मान समारोह का आयोजन बाल भवन के किया गया।

इसमें राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य  भुवन भूषण कमल, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह एवं भाजपा के प्रदेश महामंत्री लोकेंद्र पाराशर मौजूद रहे। सम्मान समारोह में प्रदेश भर से आए पिछड़ा वर्ग समाज के श्रेष्ठ लोगों को शॉल फल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का सम्मान कार्यक्रम संयोजक पवन कुमार सेन एवं  कमलेश सेन के द्वारा किया गया।

मंच का संचालन  प्रवेश वास द्वारा किया गया।

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य  भुवन भूषण कमल ने कहा की कांग्रेस के शासनकाल में जितने भी सम्मान एवं पुरस्कारों के नाम होते थे वह सभी एक ही परिवार के नाम पर होते थे । कांग्रेस में सरदार वल्लभभाई पटेल नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे श्रेष्ठ लोग थे लेकिन इसके बाद भी इनमें से किसी के नाम पर एक भी सम्मान या पुरस्कार नहीं दिया गया। कांग्रेस के शासनकाल में भारत रत्न जैसे विशेष सम्मान भी नेताओं की चिट्ठियों के माध्यम से दिए जाते थे। लेकिन 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से यह सब बदल गया है अब सम्मान भारत माता के श्रेष्ठ रतन को दिया जा रहा है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता को अर्पण किया है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जातियों को नहीं बल्कि गरीबों को पिछली जाति मानते थे। हमें कर्पूरी ठाकुर के सिद्धांतों को अपनाना होगा हमें समाज के प्रति अपना दायित्व निभाना होगा । प्रत्येक व्यक्ति हफ्ते में अगर 2 घंटे भी निकाल कर सामाजिक कार्यों में योगदान दे तो भारत और भी तेजी से विकसित बन सकता है।

प्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग आदि ने पुरातनकाल से लेकर आज तक हमेशा भारत माता के प्रति अपना दायित्व निभाया है  कर्पूरी ठाकुर एक समाज के लिए नहीं उनकी पूजा समाज के लिए कार्य किया करते थे ।  कर्पूरी ठाकुर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में काफी समानता हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी द्वारा चलाई गई विश्वकर्मा योजना में 18 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है इससे पिछड़ा वर्ग सहित अन्य वर्गों का उद्धार होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में मुस्लिम समाज की भी सात जातियों को शामिल किया गया है।

भाजपा के प्रदेश मंत्री  लोकेंद्र पाराशर ने बिहार के दो बार पूर्व मुख्यमंत्री रहे  कर्पूरी ठाकुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति विधायक सांसद और दो बार प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा है वह अपने बेटे के इलाज के लिए पैसों के अभाव में परेशान होता रहा इससे पता चलता है कि उनका व्यक्तित्व कैसा था। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने  कर्पूरी ठाकुर से कहा भी था कि शासन के पैसों से बेटे का इलाज कर देते हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए भी मना कर दिया की सरकार का पैसा जनता का होता है इसका उपयोग में कैसे कर सकता हूं । जबकि उन्हें अपना गुरु कहने वाले लालू जी बिहार में चारा तक खा गए।

उन्होंने कहा कि एक बार चौधरी चरण सिंह जी  कर्पूरी ठाकुर जी के घर पर गए तो उनके साथ दरवाजा छोटा होने के कारण उसे टकरा गया तब उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी आप नया मकान क्यों नहीं बनवा लेते तब कर्पूरी जी ने कहा कि जब सभी गरीबों का घर बन जाएंगे तब मैं अपना घर बनवाऊंगा। उन्होंने कहा कि ऐसी शख्सियत को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भारत रत्न से सम्मानित किया है जबकि कुछ लोगों ने तो जिंदा रहते हुए ही स्वयं ही अपने नाम की घोषणा करवाकर भारत रत्न ले लिया।  लोकेंद्र पाराशर जी ने कहा कि जिन्होंने भारत के लिए काम किया है उनका सम्मान किसी एक समाज एक वर्ग के द्वारा नहीं बल्कि भारत में रहने वाले प्रत्येक वर्ग के द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में एक ही खानदान की स्तुति होती थी । परसों पूर्व प्रधानमंत्री  पीवी नरसिम्हा राव के नाम की घोषणा हुई है इससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। अपने उद्बोधन को समाप्त करने से पहले  लोकेंद्र पाराशर जी ने कहा कि भारत भूमि पर उस व्यक्ति का सम्मान किया जाता है जो समाज के लिए अपना सब कुछ त्याग करता है।

इनका किया गया सम्मान

राठौर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम राठौर,  मोहन विश्वकर्मा,  रघुवर प्रसाद सेन, डॉ राकेश राठौर, पूर्व पार्षद जगत सिंह कौरव, मूर्तिकार  नारायण प्रजापति,  राजेंद्र सेन रज्जू भैया,  विशंभर सिंह रिटायर्ड सूबेदार आर्मी,  राजेश कुमार सेन नायब तहसीलदार, एड.  वीरेंद्र पाल, शासकीय अधिवक्ता  दिनेश सविता ,नगर निगम में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी  गौरव सेन, डॉ राजीव सविता डॉक्टर प्रमोद सिसोदिया, डॉ वंदना सेन कैप्टन विद्याराम, पत्रकार जोगेंद्र सेन,  हरीश चंद्रा, रामरूप महाजन, विजय राठौर, विजय यज्ञनिक,नबबलू सेन, सचिन सेन,  संजय सविता, गिरीश पाल,  धर्मेंद्र कुशवाह, विशाल कुशवाह, बृजेश वास, रामचरण वास, रेलवे में इंजीनियर  योगेश सेन सहित पिछड़ा वर्ग मोर्चा के विभिन्न समाज के महानुभाव, शासकीय सेवक, सेवानिवृत कर्मचारी का सम्मान किया गया।

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