मध्य प्रदेश – के कूनो सेंचुरी में मौजूद चीतों निगरानी और प्रबंधन को लेकर आज ग्वालियर में बड़ी बैठक बुलाई गई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के वन अधिकारियों को भी शामिल किया गया। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में मौजूद कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए दक्षिण अफ्रीकी चीते, कई बार पार्क की सीमा लांघ कर उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा वाले वन क्षेत्रों में प्रवेश कर चुके हैं।
उन्हें तीन बार उत्तर प्रदेश की सीमा से ट्रैंकुलाइज करके वापस लाना पड़ा है। बार-बार ट्रैंकुलाइज करने के खतरे भी हैं। इसी वजह से यूपी के वन अधिकारियों को भी इस परियोजना में शामिल किया जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश की सीमा में पहुंचने वाले चीतों की सुरक्षा वहां के मैदानी वन कर्मचारी करेंगे।
इसके लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण उन्हें उपकरण भी देगा। सुबह दस बजे से होने वाली बैठक में चीतों की सुरक्षा के मुद्दे पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों में परस्पर समन्वय के लिए एक बैठक थी। बैठक में इसे लेकर एक कार्ययोजना तैयार की गई।
इसमें दोनों राज्यों के मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव, महानिरीक्षक, चीता परियोजना संचालन समिति और कूनो पार्क प्रबंधन के सदस्य शामिल होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश के ललितपुर, झांसी सहित मध्य प्रदेश की सीमा से सटे अन्य जिलों के वन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएग












