लाल बिल्डिंग का काला सच, GWALIOR NAGAR NIGAM SCAM
हरीश चन्द्रा, ग्वालियर।
शहर की चर्चित लाल बिल्डिंग (नगर निगम मुख्यालय) का काला सच सामने आया है। इस बार भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डुबकी लगाई है लिफाफे लेने, खोलने, निर्माण और भुगतान करने वाले विभाग के अफसरों ने। टेंडर समिति, जनकार्य और लेखा विभाग ने मिलकर ऐसा खेल खेला कि डामर की सड़कों के लिए स्वयं का हॉटमिक्स प्लांट होने की अनिवार्य शर्त को ही धता बता दिया और केवल अनुबंध के आधार पर चहेती फर्म आरएस कंपनी से 13 करोड़ की डामर की सड़कें बनवा लीं। ठेकेदार-अफसरों की जुगलबंदी ऐसी की सड़कें बनी या नहीं, कैसी गुणवत्ता की बनी, जिम्मेदारों ने यह जानना-देखना भी जरूरी नहीं समझा। मुंसीपाल्टी के गलियारे में चर्चा चल पड़ी है कि इसमें 25 लाख का बंदरबांट हुआ है। शिकायत अब ऊर्जावान नजर आ रहे निगमायुक्त तक जा पहुंची है। परतें खुलती हैं या परंपराओं के भांति इसे भी ठंडे बस्ते में बांधकर रख दिया जाता है, यह समय की बात है।
सबसे जरूरी शर्त ही नहीं की पूरी
टेंडर शर्तों के तहत डामर की सड़कें (बीटी) बनाने के लिए ठेका लेने वाली फर्म का स्वयं का हॉटमिक्स प्लांट अनिवार्य है। शासन की यह सबसे जरूरी शर्त है। लेकिन ठेका लेने वाली फर्म आरएस कंपनी के पास स्वयं का हॉटमिक्स प्लांट नहीं था। सुसेरा कोठी पर किसी सुनील शर्मा का हॉट मिक्स प्लांट खरीदने का अनुबंध लगा दिया। फर्म ने प्लांट खरीदने का जीएसटी बिल भी संलग्न नहीं किया। फर्जीवाड़ा इस कदर किया है कि जिस स्थान पर हॉटमिक्स प्लांट लगे होने की जानकारी दी है वहां प्लांट के नाम पर टीन टंपर लगे हैं। अधिकारियों को यह सब पता था फिर भी कमीशनघोरी के लिए सब कुछ ठीक दिखाकर ठेका दे दिया।
इन कार्यों में खेल, जांच कौन करे
1-टेंडर क्रमांक MPGMC/48/21/3/5/Jan/2022-23 दक्षिण विधानसभा
राशि 4,39,54,442
2-टेंडर क्रमांक MPGMC/49/21/3/5/Jan/2022-23 दक्षिण विधानसभा
राशि 4,32,37,056
3-टेंडर क्रमांक MPGMC/42/21/3/5/Jan/2022-23 पूर्व विधानसभा
राशि 4,43,19,890
यह हैं जिम्मेदार अधिकारी
ठेकेदार ने शर्तें पूरी की या नहीं, यह देखना टेंडर समिति सदस्यों के साथ अपर आयुक्त(वित्त) का काम है लेकिन समिति ने मिलीभगत से दस्तावेज चेक करना ही जरूरी नहीं समझा। टेंडर समिति के अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव(सेनि.), अपर आयुक्त (वित्त) रजनी शुक्ला, अधीक्षण यंत्री जनकार्य जेपी पारा, सब इंजीनियर अभिषेक प्रसाद, सुरेश अहिरवार, पूर्व सीसीओ प्रेम कुमार पचौरी, पूर्व अपर आयुक्त (वित्त) देवेन्द्र पालिया शामिल हैं। सड़क निर्माण के जो कार्य किए गए हैं उनमें से धरातल पर कुछ हुए ही नहीं हैं। इसकी भौतिक जांच भी कराना अनिवार्य है।
निरस्त करना पड़ा था टेंडर
पूर्व विधानसभा के वार्ड क्रमांक 24 में बीटी रोड के टेंडर क्रमांक 296224 में हॉटमिक्स प्लांट का अनुबंध होने से टेंडर समिति ने टेंडर को निरस्त कर दिया था। यह इस बात का सबूत है कि टेंडर समिति व अन्य अधिकारी भ्रष्टाचार का खेल खेल रहे हैं।
जांच करवा रहे हैं
शर्तें पूरी न करने के बाद भी डामर की सड़कें बनाने का काम दिया है, इस शिकायत की जांच करा रहे हैं। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके बख्शा नहीं जाएगा।
अमन वैष्णव, निगमायुक्त












