नगर निगम के पार्क विभाग में घोटाला, 8 अधिकारी-कर्मचारी फंसे, हाई कोर्ट का आदेश-जल्द जांच पूरी करें

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हरीश चन्द्रा, ग्वालियर।

नगर निगम ग्वालियर के पार्क विभाग में हुए घोटाले के आरोपियों अपर आयुक्त सहित 8 अधिकारियों, कर्मचारियों की गिरफ्तारी को लेकर हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की गई। हाजी यूसुफ खान नामक युवक ने इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने हालांकि गिरफ्तारी के निर्देश तो नहीं दिये लेकिन जांच अधिकारी को फटकार लगाते हुए जरूर निर्देशित किया है कि इस मामले की जल्द जांच पूरी की जाए। इस निर्देश के साथ याचिका का डिस्पोजड ऑफ भी कर दिया। लोकायुक्त की जांच में घोटाले के आरोपियों में पार्क विभाग के अधीक्षक मुकेश बंसल, अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, तत्कालीन उपायुक्त देवेन्द्र चौहान (वर्तमान में मुरैना नगर निगम आयुक्त), लिपिक दीपक सोनी, हरिकिशन शाक्यवार, तत्कालीन लेखाधिकारी दिनेश बाथम, राजू नागर, सहायक लेखाधिकारी विनोद शर्मा, ठेकेदार राजेश सिंह सेंगर, जितेन्द्र जादौन और महेन्द्र गुप्ता शामिल हैं।

आर्नामेंटल लाइट फिटिंग और खरीदी का है मामला

यह घोटाला 2011 में हुआ लेकिन 12 साल बाद भी चार्ज शीट फाइल नहीं की जा सकी है। शिकायत को देखें तो 2011 में पार्कों में आर्नामेंटल लाइट लगाने और सामान खरीदने का टेंडर हुआ। करीब ढाई लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान भी कर दिया गया। मामले में घोटाला तब सामने आया जब महेन्द्र गुप्ता नामक ठेकेदार ने नगर निगम में शिकायत करते हुए कहा कि उसकी फर्म के नाम से राजेश सिंह सेंगर व जितेन्द्र सिंह जादौन ने ठेका लिया और उसे पता ही नहीं। महेन्द्र ने लोकायुक्त में इस फर्जीवाड़े की शिकायत की। लोकायुक्त ने प्रकरण क्रमांक 80/15 में नगर निगम के उपरोक्त अधिकारियों को आरोपी माना। तत्कालीन डीएसपी मुनीष राजौरिया ने लोकायुक्त से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में 18 मार्च 2020 को विश्वविद्यालय थाने में उपरोक्त 11 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया, लेकिन अब तक न तो क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की है और न ही चालान पेश किया है। मामले को लंबा खिंचता देख हाजी यूसुफ खान नामक युवक ने इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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