50 से 80 तक घूस लेकर कर रहे प्लॉट की रजिस्ट्री, रजिस्ट्रार ऑफिस का बड़ा खेल उजागर

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ग्वालियर विकास प्राधिकरण की योजना की रजिस्ट्री पर मुंह मांगा रेट ले रहे उप पंजीयक

ग्वालियर।

प्लॉट, फ्लैट या अन्य संपत्ति की रजिस्ट्री के मामले में कलेक्टर का आदेश हो या जिला पंजीयक का, उप पंजीयकों पर इसका कोई असर नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों के रजिस्ट्री पर रोक के आदेश के बाद भी मुंह मांगा दाम लेकर उप पंजीयक धडल्ले से रजिस्ट्री करने में जुटे हैं। ताजा मामला ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की तीन विकास योजनाएं, टीडीएस-4, टीडीएस-5 और टीडीएस-6 का है। इन योजनाओं से जुड़े सर्वे नंबरो की रजिस्ट्री पर वरिष्ठ जिला पंजीयक की रोक के बाद भी उप पंजीयक धड़ल्ले से रजिस्ट्री करे जा रहे हैं। करीब एक सैकड़ा रजिस्ट्री होने की जानकारी मिली है। तीन रजिस्ट्रियों की जानकारी इस खबर में सैंपल के तौर पर दी जा रही है।

सेवा शुल्क लेकर कर रहे रजिस्ट्री

जीडीए की टीडीएस-6 योजना के तहत भाटखेड़ी, सिरोल गांव के सर्वे नंबरों की जमीन पर प्लॉट के रूप में विक्रय पर रोक लगाई गई थी। जीडीए के पत्र के आधार पर तत्कालीन वरिष्ठ जिला पंजीयक दिनेश गौतम ने 7 अक्टूबर 2024 को समस्त उप पंजीयकों को आदेश दिये थे कि वे इन सर्वे नंबरों की रजिस्ट्री संपादित न करें। लेकिन उप पंजीयकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार रजिस्ट्री पर 20 से लेकर 50 हजार रुपए तक की सेवा शुल्क ली जा रही है।

केस-1

उप पंजीयक पारितोष कुमार ने 14 मई 2025 को सिथौली के आगे भाटखेड़ी गांव में रजिस्ट्री संपादित की है। इसमें क्रेता दिनेश कुशवाह और विक्रेता कोक सिंह गुर्जर हैं। दिनेश ने एक प्लॉट खरीदा है।

केस-2

उप पंजीयक निधि जादौन ने भी इस गांव की योजना में 29 जुलाई 2025 को एक प्लॉट की रजिस्ट्री संपादित की है। इसमें विक्रेता वही कोक सिंह गुर्जर हैं जबकि क्रेता अर्पिता सिंह है।

केस-3

उप पंजीयक अर्चना दिनकर ने भाटखेड़ी में ही 12 जून 2025 को एक प्लॉट की रजिस्ट्री की है। इसमें विक्रेता वही कोक सिंह गुर्जर हैं जबकि प्लॉट रेखा ठाकुर ने खरीदा है।

इनका कहना है

जीडीए बोर्ड से मंजूरी के बाद विकास योजना तैयार हुई थीं। इसमें भाटखेड़ी गांव भी शामिल है। हमारे पत्र के आधार पर जिला पंजीयक ने जमीनों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी थी। इस योजना में शासन ने कुछ कमियां बताई हैं, उन्हें दूर कर फिर शासन को भेजा जाएगा। हमने क्रय-विक्रय पर रोक हटाने के लिए कोई पत्र नहीं लिखा है।

नरोत्तम भार्गव, सीईओ जीडीए

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तत्कालीन वरिष्ठ जिला पंजीयक दिनेश गौतम ने जीडीए की विकास योजनाओं में रजिस्ट्री के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी थी। रोक के बाद भी कुछ उप पंजीयकों ने रजिस्ट्री की हैं, इसकी जांच की जा रही है।

अशोक शर्मा, जिला पंजीयक

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