GRMC : दस्तावेज चेक किए बगैर एक साल में ही खत्म कर दिया प्रोबेशन पीरियड, 15 लाख की वसूली होगी ??

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गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की पत्नियों को नौकरी देने का मामला
हरीश चंद्रा,ग्वालियर
गजराराजा मेडिकल कॉलेज में पदस्थ दो डॉक्टरों की पत्नियों और एक डॉक्टर की भतीजी को साइंटिस्ट पदों पर नौकरी देने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। कॉलेज प्रशासन ने उनका प्रोबेशन पीरियड केवल एक साल की रखा जबकि 2 साल रखा जाता है। इसके अलावा एक और बड़ा खुलासा यह है कि कैंडिडेट ने जो दस्तावेज लगाएं, उनकी जांच किए बगैर ही प्रोविजन पीरियड खत्म कर दिया। इससे न केवल स्क्रूटिनी कमेटी बल्कि सिलेक्शन कमेटी भी कटघरे में खड़ी हुई है।

दूसरा मामला यह है कि उन्हें नौकरी किए हुए 2 साल पूरे हो चुके हैं। इन 2 साल में तीनों महिलाओं को करीब 15 लाख रूपए वेतन दिया जा चुका है। अब सवाल यह है की क्या वेतन के 15 लाख रुपये वसूले जाएंगे। क्या फर्जी दस्तावेज लगाने पर क्या उनके खिलाफ FIR की जाएगी ??
इस पूरे मामले में डीन डॉ अक्षय निगम की चुप्पी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या वे मामले की लीपापोती करने में लगे हैं ??

यह है पूरा मामला, बिल्लू बादशाह ने किया था खुलासा

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में साइंटिस्ट के तीन पदों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर दो डॉक्टरों की पत्नियों और एक भतीजी को नौकरी दे दी गई। तीनों ही ड़ॉ़क्टर जीआर मेडिकल कॉलेज के ही हैं। इसमें पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर अमित निरंजन की पत्नी शुभ्रा सिंह को साइंटिस्ट के ग्रुप बी, फिजियोलॉजी विभाग में पदस्थ डॉ. विकास जैन की पत्नी को ग्रुप सी तथा फार्मेकोलॉजी विभाग में पदस्थ डॉ. एके जैन की भतीजी मीनू जैन को ग्रुप डी में नौकरी दी गई है। जब शिकायत हुई और दस्तावेज की जांच पड़ताल चली तब फर्जीवाड़े की परतें खुलती गईं। संभागायुक्त दीपक सिंह ने जांच रिपोर्ट जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अक्षय निगम को भेज दी है। देखना है कि अब इस मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अक्षय निगम कब तक और क्या कार्रवाई करते हैं।

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अंधेर नगरीः फर्जी दस्तावेज लगाकर डॉक्टरों की पत्नियों को ही मेडिकल कॉलेज में दे दी नौकरी

 

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