नोचोकिया के पास कुंड में डूबे युवक को धूमेश्वर के बाबाओं ने की बचाने की कोशिश,
मृतक युवक ग्वालियर के गुड़ी गुड़ा का रहने वाला
सिंध नदी में नहाते समय प्राइवेट एंबुलेंस चालक की हुई मौत क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं प्राचीन धूमेश्वर महादेव मंदिर के समीप से निकली सिंध नदी में नहाते समय गुड़ी गुड़ा नाका ग्वालियर का रहवासी एक 28 वर्षीय युवक डूब गया। जिससे प्राइवेट एंबुलेंस चालक बताए जा गए उक्त युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। बताते हैं। कि नदी के कुंड में डूबे उक्त युवक को धूमेश्वर महादेव मंदिर के दो बाबाओं ने बचाने की कोशिश की। जिसमें वे नाकामयाब रहे। घटना की जानकारी लगने के बाद भितरवार पुलिस मौके पर पहुंची। और मृतक युवक के शव को पीएम के लिए सामुदायिक अस्पताल लेकर आई। मृतक युवक के शव का पीएम रविवार की सुबह परिजनों और पुलिस की मौजूदगी में किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ग्वालियर के नादरिया वाली माता के समीप बीजासेन नगर गुड़ी गुड़ा का ग्वालियर का रहने वाला प्राइवेट एंबुलेंस का चालक 28 वर्षीय युवक हुकम सिंह उर्फ छोटू परिहार पुत्र रामजीत परिहार शनिवार की दोपहर ग्वालियर से अपनी प्राइवेट एंबुलेंस में धूमेश्वर धाम मंदिर के समीप के गांव के एक मरीज को छोड़ने के लिए अपने साथी मोहन चौधरी के साथ आया हुआ था। जहां से उसने मरीज को उसके गांव तक छोड़ने के बाद वापस जा रहा था। तभी उसने अपने साथ आए युवक मोहन चौधरी से कहा कि यह बहुत ही अच्छा स्थान है। यहां नहा धोकर दर्शन करेंगे उसके बाद ग्वालियर चलेंगे।
लगभग शाम 5 बजे दोनों ही युवक अपनी प्राइवेट एंबुलेंस से धूमेश्वर मंदिर पर पहुंचे। और नदी घाट नोचोकिया के पास पहुँचे। और सिंध नदी में उतरकर नहाने लगे नहाते समय हुकुम सिंह परिहार अचानक पानी के तेज बहाव के बीच गहरे पानी कुंड में चला गया। और वह डूबने लगा तो साथ वाले युवक द्वारा नदी पर नहा रहे अन्य लोगों से मदद मांगी। लेकिन उन्होंने कहा कि हम नदी में तैरना नहीं जानते। जिस पर साथ वाला युवक मंदिर के समीप स्थित पुलिस चौकी पर पहुंचा तो पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस बल युवक को लेकर धूमेश्वर धाम मंदिर के महंत अनिरुद्ध वन महाराज के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। जिस पर महंत जी के पास बैठे दो बाबा तत्काल नदी घाट पर पहुंचे।
और जहां युवक डूबा हुआ था। वहां उन्होंने नदी में कूद पड़े और काफी खोजबीन के बाद उन्होंने युवक को पानी में से बाहर निकाला। लेकिन तब तक उक्त युवक की मौत हो चुकी थी। वही घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। और मृतक युवक के घटनास्थल का पंचनामा बनवाने के बाद मृतक युवक के शव को पीएम के लिए सामुदायिक अस्पताल भिजबया। और मृतक युवक के परिवार जनों को घटना की सूचना दी। वहीं मृतक युवक के शव को पीएम के लिए सामुदायिक अस्पताल में रखा गया है। जिसका रविवार की सुबह पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में पीएम किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने उक्त मामले में मर्ग कायम करते हुए घटना की विवेचना शुरू कर दी है।
समय पर मिलती मदद तो बच सकती थी युवक की जान
धूमेश्वर धाम स्थित सिंध नदी मैं नहाते समय डूबे 28 वर्षीय युवक को अगर समय रहते तत्काल प्रभाव से सहायता मिल जाती तो शायद युवक की जान नहीं जाती। उक्त मामले को लेकर देखा जाए तो धूमेश्वर मंदिर पर संचालित पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस बल पर भी सवालिया निशान मृतक युवक के साथ आए युवक मोहन चौधरी ने उठाते हुए बताया कि पहले मैंने नदी घाट पर नहाने वाले अन्य लोगों से मदद मांगी लेकिन उन्होंने तैरना न जाने की बात बताते हुए मुझे पुलिस चौकी पर भेज दिया जहां भी मैं मदद के लिए पहुंचा तो। वह लोग मुझे मंदिर के बाबा जी के पास ले गए जब तक काफी देर हो गई थी। और मंदिर के दो बाबा वहां पहुंचे। और उन्होंने नदी में डूब कर जब तलाश की तो युवक पानी में डूबने से मृत अवस्था में मिला। अगर समय पर मदद मिल जाती तो शायद मेरा दोस्त आज मेरे साथ होता।












