ग्वालियर। रैगिंग की समस्या का समाधान वर्तमान समय में यू.जी.सी. द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण इतना सरल हो गया है कि सम्बद्ध अधिकारियों के नंबर पर केवल एक कॉल द्वारा सूचित करते हुए आप रैगिंग से स्वंय को व आप अपने साथियों का बचाव कर सकते हैं।छात्रों को यह संकल्प लेना होगा कि वे न तो रैगिंग करेंगे और न ही रैगिंग होने देंगे। यह बात प्रो. राधा तोमर ने राष्ट्रीय एंटी रैगिंग दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि कही।
प्रो. वायके जायसवाल ने रैगिंग के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए शैक्षिक जीवन के साथ-साथ भविष्य के जीवन में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया।संयुक्त कुलानुशासक प्रो. राम शंकर सिंह ने अपने नवोदय स्कूल के जीवन अनुभवों का साझा करते हुये नये मित्र बनाते हुये रैगिंग से दूर रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण व संवेदनशील व्यवहार की पूर्ति के साथ ही रैगिंग का निषेध किया जाने की दिशा में अपेक्षित सफलता प्राप्त की जा सकती है।रेक्टर प्रो. एस.के. सिंह ने एंटी रैगिंग डे व रैगिंग अवेयरनेस सप्ताह मनाने की राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यकता व इसकी पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अवेयरनेस के द्वारा रैगिंग की रोकथाम के तरीकों एवं उनके उपयोग से छात्रों को अवगत कराया जाता है ताकि इनके माध्यम से रैगिंग जैसी समस्या को समाप्त किया जा सके।इस अवसर पर प्रो. राधा तोमर, प्रो. वाय. के. जयसवाल, प्रोक्टर प्रो. एस. के. सिंह, संयुक्त कुलानुशासक डॉ. राम शंकर, वार्डन डॉ.निमिषा , अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. जे.एन. गौतम सहित छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।












