डॉ. विजय कुमार सारस्वत
Cद्यमी सुरक्षा, सम्मान एवं सरलीकरण नीति पर मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य-डॉ. विजय कुमार सारस्वत के साथ ‘चेम्बर भवन` में चर्चा आयोजित
ग्वालियर 10 जुलाई,2024। देश की जीडीपी व्यापार एवं उद्योग से ही बनती है। इसलिए व्यापारियों को अपने बिजनिस को ट्रांसफार्म करने के गुर सीखना चाहिए और चेम्बर ऑफ कॉमर्स को इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाना चाहिए। यह बात आज उद्यमी सुरक्षा, सम्मान एवं सरलीकरण नीति पर ‘चेम्बर भवन` में आयोजित चर्चा में मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य-डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने कही। आपने कहा कि ग्वालियर मेरा गृह नगर है और मैं यहां के व्यापार एवं उद्योग से भलीभांति परिचित हूँ। आपने कहा कि व्यापार एवं उद्योग से जो रेवेन्यू आता है, जिससे जीडीपी बनती है। आपके द्बारा चुकाये गये कर को सरकार विकास रूपी सुविधा के रूप में आपको वापिस करती है।
जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाता है, वह आप लोगों के लिए ही है। एमएसएमई को सरकार द्बारा 3 लाख 60 हजारा करोड़ रूपये का कोलेटरल दिया गया है, यह भी आपसे मिले कर से ही दिया जा रहा है। व्यापार एवं उद्योग का मॉडर्नाइजेशन आज बहुत जरूरी है, यदि हमने इसे नहीं अपनाया तो इनकी ग्रोथ रूक जाएगी। आपने कहा कि मध्यप्रदेश सरसों की फसल में अग्रणी राज्य है। हमें ग्वालियर में फूड प्रोसेसिंग इण्डस्ट्री लगानी चाहिए। मप्र से गुजरात सरसों जाता है और वह इसे प्रोसेस करके फॉचून जैसे ब्राण्ड बनाकर सेल कर रहे हैं तो हमारे प्रदेश और ग्वालियरवासियों को इसमें पीछे क्यों रहना चाहिए। आप इस कार्य में मेरा सहयोग ले सकते हैं। गुजरात आज इसलिए अग्रणी है कि वहां के कारोबारियों ने खुद को मॉडर्नाइज किया है। आपने कहा कि आज आपके द्बारा जो मुझे सुझाव दिये गये हैं। उन सुझावों को मैं नीतियों में समावेश करने की कोशिश करूंगा।
इससे पूर्व प्रारंभ में मुख्य अतिथि का स्वागत पदाधिकारियों द्बारा फलों की टोकरी भेंट कर किया गया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन में अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के साथ चर्चा का यह दूसरा अवसर है। आपने कहा कि देश में आर्थिक असमानता की का प्रश्न उठता है। इस प्रश्न का हल उद्योग व्यापार को प्रोत्साहित एवं नवीन निवेश को आकर्षित करके किया जा सकता है, इससे रोजागार में वृद्घि होगी, लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। आपने कहा कि आज की युवा पीढी पैतृक व्यवसाय को न संभालकर शासकीय एवं मल्टीनेशनल नौकरियों की तरफ आकर्षिक हो रही है। कारण है करों की जटिलता, एक उद्यमी अपने कारोबार का अधिकतम समय करों की औपचारिकता में लगाता है। इसलिए करों का सरलीकरण होना चाहिए ताकि व्यापार करना आसान हो। आपने कहा कि उद्यमियों के लिए सरकार को उनके चुकाये गये कर के आधार पर पेंशन का प्रावधान करना चाहिए ताकि वह वृद्घावस्था में अपना जीवनयापन कर सकें। देश में यूनिवर्सल आईडेंटिफिकेशन नंबर लागू किया जाना चाहिए।
मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए वास्तविक सिंगल विण्डो सिस्टम गुजरात की तरह मध्यप्रदेश में भी होना चाहिए जिससे उद्यमियों को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाना पड़ें। आपने कहा कि व्यापार एवं उद्योग के ट्रांसफार्म के लिए चेम्बर ऑफ कॉमर्स कार्य करेगा।
मुख्य अतिथि-डॉ. विजय कुमार सारस्वत जी को पदाधिकारियों द्बारा निम्नलिखित सुझावों का ज्ञापन भेंट किया गया:-
* उद्यमियों को वृद्घावस्था पेंशन
* उद्यमी बीमा
* आपका-विपदा के समय ब्याज रहित ऋण
* व्यापार को सरल बनाया जाए
* आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए।
* पर्यावरण का संरक्षण
* यूनिवर्सल आईडेंटिफिकेशन नंबर लागू किया जाए।
* सार्वजनिक परिवहन के लिए देशभर में एक कार्ड लागू किया जाए।
* कौशल विकास पर अधिक से अधिक ध्यान दिया जाए।
* सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ और सस्ता बनाया जाए।
* हाईवे पर सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सौलर लाइट लगाई जाएं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि-डॉ. विजय कुमार सारस्वत जी को स्मृति चिन्ह उपाध्यक्ष-डॉ. राकेश अग्रवाल द्बारा दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल द्बारा एवं आभार मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कार्यकारिणी समिति सदस्य-आशीष जैन, संजय गुप्ता, राजेश माखीजा, अनिल दुबे, आशुतोष मिश्रा, रवि कुमार गर्ग, विकास अग्रवाल, नंदकिशोर गोयल, अमर सिंह ग्रोवर, अशोक शर्मा प्रेमी, रोशन गाबरा, आशीष अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुशांत सिंघल, मुकेश गोयल, विवेक बंसल सहित सदस्य-हेमंत निगम, गौरव जैन, अभिषेक लोहिया, योगेश गर्ग, राहुल शर्मा, संतोष कुमार जैन, सतीश गोयल, नवीन रस्तोगी, हितेश कुमार सिंघल, सोबरन सिंह तोमर सहित काफी संख्या में व्यापारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।












