हिंदी सेवी वन मित्र काशी नाथ जोशी स्मृति कलामित्र पुरस्कार प्रदर्शनी का हर वर्ष आयोजन होगा

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समाचार

प्रांजल राठौर और ईशांत मांझी को कलामित्र
पुरस्कार

कला सामाजिक और आध्यात्मिक सुखकारक अभिव्यक्ति- विवेक नारायण शेजवलकर

ग्वालियर  – रंग-शिल्प और सदाशय मंच के संयुक्त तत्वाधान में हिंदीसेवी, वन मित्र काशीनाथ जोशी की स्मृति में आयोजित प्रथम संभागीय कला प्रदर्शनी में स्थानीय सांसद  विवेक नारायण शेजवलकर ने पेंटिंग के लिए  प्रांजल राठौर तथा मूर्ति कला के लिए ईशांत मांझी को इस वर्ष के कला मित्र पुरस्कारों से विभूषित किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कला सामाजिक और आध्यात्मिक सुख कारक अभिव्यक्ति है । कला सृजन शक्ति विधाता की कलाकार को अद्भुत देन है। उन्होंने कलाकारों से निरंतर सृजन रत रहने और ग्वालियर तथा देश का नाम रोशन करने की अपील की साथ ही उन्होंने कार्यक्रम की आयोजक संस्थाओं को विशेष साधुवाद दिया । साथ ही उन्होंने हिंदीसेवी,वन मित्र काशीनाथ जोशी के योगदान का भी स्मरण किया ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिखर सम्मान से विभूषित नगर के ख्यातिलब्ध साहित्यकार शैवाल सत्यार्थी ने अपने उद्बोधन से जहां कलाकारों का उत्साह वर्धन किया वहीं उन्होंने काशीनाथ जोशी जी से जुड़े संस्मरण” एकलव्य का दूसरा अंगूठा” बहुत मिठास भरे ढंग से भरपूर अपनेपन के साथ सुनाया। इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित हिंदीसेवी, वन मित्र काशीनाथ जोशी जी के सुपुत्र  हेमंत जोशी ने कलाकारों को बधाई दी और वादा किया कि यह स्मृति आयोजन निरंतर हर वर्ष आयोजित होगा और पेंटिंग तथा मूर्ति कला को प्रोत्साहित करने वाला कला मित्र पुरस्कार भी हर वर्ष दिया जाएगा ।

रंग-शिल्प समिति के सचिव  धृतिवर्धन गुप्त ने आयोजन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए समिति के कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने युवा कलाकारों को निरंतर सृजन करने और समिति के दायित्व निर्वहन के लिए आगे आने का आह्वान किया। प्रदर्शन संबंधी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसमें 26 प्रतियोगी कलाकार और साथ नगर के वरिष्ठ कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई । उन्होंने आयोजन के लिए उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी भोपाल का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कला वीथिका के अधिकारी और कर्मचारियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

समिति के अध्यक्ष  केपी वास्तव ने अतिथियों का स्वागत भाषण तथा सांसद महोदय को ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन कवि घनश्याम भारती ने किया ।

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