शहर का यातायात सुव्यवस्थित करने ई-रिक्शा के रूट निर्धारित होंगे, लॉटरी पद्धति से होगा रूट निर्धारण
सिटी रिपोर्टर, ग्वालियर।
शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या, ध्वस्त होती यातायात व्यवस्था के बीच हर किसी बड़े अफसर, बड़े आदमी की जुबां पर होता है कि ई-रिक्शा ने शहर की यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है। इ्न्हें शहर से बाहर किया जाना चाहिए। अफसर इस पर मंथन करते हैं तो ई-रिक्शा से अपने परिवार का पेट पालने वाले चिंतित हो उठते थे। उनकी इस चिंता को समझा है ग्वालियर की कलेक्टर साहिबा रुचिका चौहान ने। शहर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर के नेतृत्व में शुक्रवार को बाल भवन में एसपी धर्मवीर सिंह, निगमायुक्त हर्ष सिंह, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती नीतू माथुर, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरूण कुमार, टी एन सिंह सहित नगर निगम, जिला प्रशासन, स्मार्ट सिटी, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी सिर जोड़कर बैठे। जैसे ही ई-रिक्शा पर सवाल उठे और उनका रूट तय करने की चर्चा चली तो कलेक्टर साहिबा का दिल पसीजा और बोलीं-रूट तय होना चाहिए लेकिन यह भी ध्यान रखा जाए कि कोई भी ई-रिक्शा चालक कम से कम पांच सौ रूपए तो कमाकर घर ले जा सके। किसी को कोई ऐसा रूट नहीं दिया जाए कि उसे सवारी ही न मिंलें। कलेक्टर के इस भाव से अन्य अधिकारी भी सहमत हो गए।

एक माह में करें पंजीयन
कलेक्टर ने कहा कि शहर में संचालित सभी ई-रिक्शा वाहनों का पंजीयन एक माह में कराया जाए। पंजीयन के पश्चात लॉटरी के माध्यम से इनके मार्गों का निर्धारण कर व्यवस्थित रूप से ई-रिक्शा संचालन का कार्य कराया जायेगा। शहर में चार स्थानों पर पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान एवं पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि शहर के प्रमुख मार्गों पर दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी निगम के माध्यम से और बढ़ाई जाए, ताकि यातायात सुगमता से संचालित हो सके। तिराहों व चौराहों पर लेफ्ट फ्री में कोई बाधा न हो, इसके लिये पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करे। यातायात के ब्लैक स्पॉटों को भी समाप्त करने की कार्रवाई सभी विभाग संयुक्त रूप से करें ताकि किसी भी प्रकार की सड़क दुर्घटना न हो।
ई-रिक्शा चालकों का भी पक्ष सुना जाएगा
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर में सभी ई-रिक्शा संचालकों के पंजीयन के पश्चात उनकी बैठक आयोजित कर रूट निर्धारित करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं को सुना जायेगा और उनका निराकरण कर निर्धारित मार्गों पर ही ई-रिक्शा संचालित हो, यह सुनिश्चित किया जायेगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर खड़े होने वाले वाहन भी पार्किंग में खड़े हों, इसके लिये भी व्यापारी से चर्चा कर व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। वीडियोकोच बसें भी शहर के मार्ग पर खड़ी न हों, इसके लिये वैकल्पिक स्थान निर्धारित कर उन्हें वहाँ खड़ा करने की व्यवस्था की जायेगी।
नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने जानकारी दी कि शहर के चौराहों को यातायात के लिहाज से सुव्यवस्थित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 10 चौराहों का काम हाथ में लिया गया है। साथ ही लेफ्ट टर्न फ्री करने की कार्ययोजना भी नगर निगम द्वारा तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिये 70 ई-बसें चलाने की प्रक्रिया प्रचलन में है।












