ग्वालियर – रोजाना के पदीय दायित्वों एवं शासकीय कामकाज के निर्वहन के साथ-साथ जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, ऊर्जा व पानी की बचत जैसे रचनात्मक कार्यों में भी सहभागी बनेंगे। इस सिलसिले में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में अधिकारियों से कहा कि हम सब छोटी-छोटी अच्छी आदतों को अपनाकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी भाव से काम करें और प्रधानमंत्री की पहल पर 18 मई से शुरू होने जा रहे पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम की सभी थीम को “मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान” से जोड़कर इस कार्यक्रम को भी प्रभावी ढंग से अंजाम दें।
सोमवार को यहाँ जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम, सेव एनर्जी, सेव वाटर, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करना, सस्टनेबल फूड सिस्टम, रिड्यूज वेस्ट, एडॉप्ट हैल्थी लाईफ व ई-वेस्ट के निस्तारण पर केन्द्रित रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में पर्यावरण सुरक्षा की थीम पर आधारित बैनर व होर्डिंग लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को इसके लिये जागरूक करें।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री एच बी शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आर आर सिंह सेंगर, अथ युवा फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ. देवेन्द्र दांगी, जिले के सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
सभागार की 20 लाईटें बंद करके समझाया ऐसे करें ऊर्जा की बचत
कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने जिला पंचायत सभागार में चल रही अंतरविभागीय समन्वय बैठक में सभागार के भीतर 20 लाईटें बंद कराईं और बताया कि इतनी लाईटें बंद हो जाने के बाबजूद हॉल में पर्याप्त रोशनी है और काम करने में कोई कठिनाई नहीं हो रही। इसी तरह सभी कार्यालय प्रमुख अपने दफ्तरों में अनावश्यक लाईटें न जलने दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी अपने बिजली का बिल स्वयं देखें और एक पंजी संधारित कर हर माह बिजली की रीडिंग व बिल राशि उसमें दर्ज कराएँ। इससे आप सब पायेंगे कि सारा दफ्तर बिजली बचत के लिये प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यालय में संधारित होने वाले इस रजिस्टर का वे निरीक्षण भी करायेंगे। कलेक्टर ने किसी शासकीय भवन को “रूफ टॉप सोलर एनर्जी” के मॉडल के रूप में तैयार करने पर भी बल दिया।
जल स्त्रोतों को रीचार्ज करने पर जोर, समूहों की दीदियों को मिलेगा प्लंबर प्रशिक्षण
कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिले में अभियान बतौर हैण्डपम्प एवं जल जीवन मिशन के तहत विकसित किए गए ट्यूबवेल को रीचार्ज करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं दीदियों को प्लंबर कार्य का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। जिससे ग्रामीण अंचल की नल-जल योजनाओं के संधारण में दिक्कत न आए। उन्होंने ग्वालियर शहर के पार्कों में स्प्रिंकलर व ड्रिप सिंचाई पद्धति से पौधों व घास की सिंचाई करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने कहा कि सभी लोग अपने घरों की नहाने की बाल्टी को छोटा करें और दो जोड़ी कपड़े व दो जोड़ी जूतों का उपयोग कम करें, इससे आप पायेंगे कि दो माह में हर व्यक्ति 40 लीटर पानी की बचत कर सकता है।
वेस्ट से बेस्ट और वेस्ट टू वण्डर थीम पर होगा प्रमुखता से काम
पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ग्वालियर शहर में वेस्ट (कचरे) से बेस्ट (अच्छा) और वेस्ट टू वण्डर बनाने का काम प्रमुखता से किया जायेगा। कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने इसकी कार्ययोजना के बारे में बैठक में विस्तार से जानकारी दी।
घर-घर व दफ्तर-दफ्तर से ई-वेस्ट जमा कर कराई जायेगी नीलामी
पर्यावरण सुरक्षा में बड़े बाधक बन रहे ई-वेस्ट की हर घर व हर दफ्तर में सूची तैयार करने के निर्देश भी कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि टेण्डर के जरिए इस ई-वेस्ट की नीलामी कराई जायेगी। इसके नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी उन्होंने ई-गवर्नेंस मैनेजर श्री आशीष जैन को सौंपी है। बैठक में इसके अलावा पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम में शामिल अन्य घटकों पर भी चर्चा हुई और आगे की रणनीति तय की गई।
समय-सीमा वाले पत्र और सीएम हैल्पलाइन की भी हुई समीक्षा
अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने सीएम हैल्पलाइन और समय-सीमा वाले पत्रों व शिकायतों की समीक्षा भी विभागवार की। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों का मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के दौरान शतप्रतिशत निराकरण किया जाना है। इसे सभी विभाग के अधिकारी गंभीरता से लें और शिविरों में खसरा व बी-1 की तर्ज पर सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों का वाचन कराकर निराकरण कराएँ।












