अनुबंध की शर्तों के विरुद्ध कार्य करने पर सांवरिया सेठ एडवरटाइजर्स का अनुबंध निरस्त
सिटी रिपोर्टर ग्वालियर।
अंततः आज नगर निगम ग्वालियर के कमिशनर श्री हर्ष सिंह ने एक साहसिक क़दम उठाते हुए बार- बार नियमों का उल्लंघन करते हुए शहर में लगाए गए यूनीपोल की निविदा को निरस्त कर दिया ॥ बताया जा रहा है कि फ़ार्म सांवरिया सेठ के संचालक राजेन्द्र शर्मा शहर के एक क़द्दावर नेता के ख़ास है एवं BJP के लोक सभा प्रभारी भी हैं, निगम द्वारा उन्हें मीटिंग में और पत्रों के कई बार यूनीपोल को चिन्हित स्थान पर लगाने हेतु चेतावनी गई गई परंतु उनके द्वारा हर चेतावनी को दरकिनार रखते हुए अपनी नेतागिरी के दम पर निविदा में दिये हुए स्थानों के अन्यत्र स्थानों पर यूनीपोल स्थापित कर लाखों के वारे न्यारे किए गए।
होर्डिंग्स शाखा के नोडल अधिकारी सत्येंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि निगम आयुक्त हर्ष सिंह के निर्देश पर सांवरिया सेठ एजेंसी को आवंटित पैकेज क्रमांक 2,3 और 7 को निरस्त करते हुए उनके द्वारा स्थापित समस्त यूनीपोल को राजसात कर लिया गया है ॥
साथ ही उनके द्वारा जमा धरोहर राशि जो कि लगभग 13 लाख रुपया के आस पास है, उसे भी राज-सात कर लिया है।
सड़क पर ही टांग दिए थे
नगर निगम द्वारा जारी किए गए आदेश में सांवरिया सेठ एजेंसी को ग्वालियर शहर के प्रमुख स्थानो पर नियमों के विपरीत सड़क पर लगभग टाँग कर लगाए गए यूनीपोल पर प्रदर्शित समस्त विज्ञापन को तीन दिवस में हटाने को कहा है, केवल राजनैतिक विज्ञापन को आचार संहिता के अंतर्गत लगे रहने की इजाज़त दी गई है ॥ तीन दिवस बाद लगे हुए विज्ञापनों पर जुर्माना लगाया जाएगा ॥
यहाँ यह ज़िक्र करना बहुत ज़रूरी है कि काफ़ी समय से ग्वालियर शहर में मनमाफिक ढंग से नियमों के विपरीत यूनीपोल लगाए जा रहे थे जो कि सड़क पर लटके हुए थे, नियमानुसार यह सड़क की बाउंड्री वॉल से याने सड़क की एज लाइन से अंदर होना चाहिए परंतु एजेंसियों द्वारा नियमों के अवहेलना कर पूरी सड़क को घेरते हुए टाँग दिए गए हैं ॥
यह यूनीपोल राजनैतिक शह के बिना नहीं लग सकते इसलिए रसूखदार लोगों के इस खेल में लोगों की जान को दाँव पर लगा कर लगा दिया गया जिसे निगम कमिश्नर हर्ष सिंह ने समझा और जनता को बचाने के लिए यह साहसिक क़दम उठाया है ।
उनके ऑर्डर के अनुसार विगत 10 महीनों से लगभग 8 बार चेतावनी के पत्र सांवरिया सेठ के संचालक श्री राजेन्द्र शर्मा को दिए गए थे, पर वे इसे महज़ कागज़ का टुकड़ा समझ रहे थे निगम ने अंतिम सूचना पत्र 8 अप्रैल को दिया था एवं आज 24 अप्रैल को इसे निरस्त कर दिया।
ऑर्डर के मुख्य बिंदु अनुसार उन्हें कई बार निविदा में दिए गए चिन्हित स्थानों पर यूनीपोल स्थापना करने को कहा गया परंतु उन्होंने अपने मनमाफिक डिवाइडर एवं मलाईदार जगहों पर यूनीपोल लगाकर लाखों के वारे न्यारे किया।
निगम परिषद में भी गूंजा था मामला
निगम परिषद में भी पार्षदों ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था जिस पर कमिशनर ने इनके संचालक को बुलाकर चेतावनी दी थी जिस पर इनके द्वारा शीघ्र हटा लेने की सहमति दी गई थी परंतु इसके बावजूद भी इन यूनीपोल को चिन्हित स्थानों पर नहीं लगाया गया !
एजेंसी सांवरिया सेठ को अनुबंध कंडिका 8,9,14,17,18,20,28,30,38,43 के उल्लंघन का दोषी पाते हुए उनके द्वारा आवंटित उनको आवंटित पैकेज क्रमांक 2,3,7 के अनुबंध को निरस्त किया गया !! EMD राशि एवं लगे हुए यूनीपोल को भी ज़ब्त किया गया है , एवं प्रदर्शित विज्ञापनों को तीन दिन में नहीं हटाने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।












