मुरैना/ ग्वालियर।
भारतीय जनता पार्टी ने आखिर 39 प्रत्याशियों की घोषणा कर मप्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दीं। चुनावों की तारीखों का ऐलान होने से काफी पहले ही भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर भले ही यह संदेश देने की कोशिश की हो कि पार्टी में किसी प्रकार का विद्रोह नहीं है, लेकिन जिस तरह प्रत्य़ाशी घोषित किये हैं वे इशारा कर रहे हैं कि पार्टी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। पार्टी ने पहली कड़ी में उन नेताओं को टिकट दिये हैं जो पिछला चुनाव कम वोटों से हारे थे। इसमें कई केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक हैं। वर्तमान में सिंधिया समर्थक काफी असमंजस में हैं। वे अंदर ही अंदर कुंठित से जान पड़ रहे हैं क्योंकि वे भाजपा में रज-बस नहीं पाए हैं, इसलिए उनके फिर से कांग्रेस में लौटने की आशंका नजर आने लगी थी। कमल नाथ की निगाह इन नेताओं पर थी, इसलिये माना जा रहा है कि डरी-सहमी भाजपा ने मुरैना जिले की सुमावली सीट पर एदल सिंह कंषाना सहित अन्य सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं।
पार्टी बदलने की थी चर्चा
इस बार सबसे ज्यादा टूट-फूट भाजपा में होने की आशंका है। सत्ता के लालच में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए कई नेता अपने निर्णय पर पछतावा कर रहे हैं। ऐसा ही एक नाम एदल सिंह कंषाना का सामने है। वे कांग्रेस की सरकार गिराने में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ खड़े थे और भाजपा में पहुंच गए थे। मुरैना की सबलगढ़ सीट से कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह ने आरोप लगाया था कि कंषाना अब भाजपा में जाकर पछता रहे हैं और कांग्रेस में लौटने के लिए कमल नाथ व दिग्विजय सिंह के यहां चक्कर काट रहे हैं। कई अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी कांग्रेस में आने को आतुर हैं। हालांकि बैजनाथ के इस कथन पर कंषाना ने इसे मनगंढत बताया था लेकिन भाजपा ने कोई रिस्क नहीं ली और उन्हें अभी से प्रत्याशी घोषित कर दिया। उधर, कांग्रेस इस सीट से अपने वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह को ही लड़ाने की तैयारी में है।
भाजपा में जाकर हारे थे चुनाव
एदल सिंह कंषाना 2018 में कांग्रेस के टिकट पर मुरैना की सुमावली विधानसभा से जीते थे और कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। लेकिन सिंधिया ने जब तख्तापलट किया तब कंषाना भी उनके साथ भाजपा में चले गए थे। दुर्भाग्य यह रहा कि 2020 में उपचुनाव में कंषाना इस सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव हार गए। तभी से वे निराश नजर आने लगे हैं।
अजब सिंह कुशवाह ने ललकारा था
2018 के चुनाव में अजब सिंह कुशवाह ने बसपा से चुनाव लड़ा था और एदल सिंह ने कांग्रेस से। कंषाना जीत गए थे। 2020 में बाजी पलट गई। अजब सिंह कुशवाह बसपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए और उप चुनाव में जीत गए। भाजपा से एदल सिंह को पराजित कर दिया। चुनाव के दौरान कई जगह हिंसा हुई थी। इसलिये जीत की घोषणा ही अजब सिंह कुशवाह ने मीडिया के सामने इंटरव्यू देते हुए कंषाना को ललकारा था और कहा था कि वे गुंडागर्दी बंद कर दें। कंषाना जहां कहेंगे मैं (अजब सिंह) वहीं आ जाऊंगा। हालांकि बाद में अजब सिंह कुशवाह पर जमीनों की धोखाधड़ी के करीब एक दर्जन मामले दर्ज हो चुके हैं।
बैजनाथ कुशवाह के ये बयान सामने आया
मुरैना की सबलगढ़ विधानाभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह ने अपनी पार्टी का झंडा बुलंद करते हुए कहा है कि, ”आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में मध्य प्रदेश में प्रचंड बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। यह बात बीजेपी नेता भलीभांति जानते हैं। इसी डर से भाजपा नेताओं ने अभी से कांग्रेस ज्वाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। एदल सिंह कंषाना सहित कई अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता कमल नाथ, दिग्विजय सिंह के यहां चक्कर काट रहे हैं।”












