सिटी रिपोर्टर ग्वालियर।
नगर निगम ग्वालियर का तरण पुष्कर यानी स्विमिंग पूल। सुबह-शाम बैच। हर बैच में तीन दर्जन से ज्यादा नए नवेलों के साथ तैराकी के मास्टर। पिछले दिनों संभाग के सबसे बड़े सरकारी आदमी (संभागायुक्त) के दो बेटे स्विमिंग के दौरान बैचेन हो गये। खूब हो हल्ला मचा कि पानी में क्लोरीन ज्यादा थी, फिल्टर प्लांट एक सप्ताह से बंद था इसलिए पानी तैरने लायक नहीं था, इस कारण वीआईपी फूल से बच्चों के शरीर पर खुजली हुई, घबराहट हुई। आनन फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और इधर स्विमिंग पूल आगामी आदेश तक बंद। खैर, स्विमिंग पूल के पानी के सैंपल लेने-भेजने को लेकर मीडिया की बढ़त-चढत बनी और बनी रह गई इसी बीच पानी के सैंपल डीआरडीई से पास होकर निगम मुख्यालय के रिकॉर्ड में जमा हो गये।

संभागायुक्त के दोनों बच्चे स्वस्थ होकर घर पहुंच चुके हैं और इधर तैरने वालों को राहत मिल गई है। वे अब 18 मई से फिर तैर सकेंगे। अपर आयुक्त मुनीष राजौरिया ने हरी झंडी देते हुए कहा है कि पानी के सैंपल की रिपोर्ट ओके मिलने पर पानी तैराकी हेतु अनुकूल पाया गया है। इसलिए इसे फिर से खोला जा रहा है।












