ग्वालियर में आर्मी से रिटायर्ड जवान के द्वारा तीन लोगों के गोली मारने के मामले में आज इलाज के दौरान घायल एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। जबकि एक महिला और एक पुरुष अभी भी अस्पताल में भर्ती है जिनका इलाज जारी है। एक व्यक्ति की मौत होने के बाद परिजनों में आक्रोश है और उनकी मांग है कि आरोपी रिटायर्ड जवान के घर को तोड़ा जाए। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम करवा रहे हैं। वहीं पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले को हत्या में तब्दील किया जाएगा।
दरअसल महाराजपुरा थाना क्षेत्र के रसूलपुर में कल सुबह बिजली तार डालने को लेकर हुए मामूली विवाद पर रिटायर्ड आर्मी जवान यशवीर सिंह भदौरिया ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अपनी पिस्टल से पड़ोसी राजवीर जाटव,धर्मवीर जाटव और मीना जाटव को गोली मार दी थी। गोली लगने के बाद तीनों घायलो को इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसमें दो गोलियां राजवीर और धर्मवीर के शरीर पर जा लगी थी। जिस वजह से दोनों की हालत नाजुक बनी हुई थी। लेकिन आज इलाज के दौरान राजवीर ने दम तोड़ दिया। राजवीर की मौत होते ही परिजन और रिश्तेदारों ने आक्रोशित होकर अस्पताल में हंगामा कर दिया।
मौत और हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे जहां हंगामा कर रहे लोगों को समझा कर शांत कराया और मृतक राजवीर जाटव के शव को पोस्टमार्टम कराया। वही मृतक के परिजनों की मांग की है आरोपी रिटायर्ड जवान के घर को तोड़ा जाए क्योंकि उन्हें उनकी जान का ख़तरा है और उन्हें एक शास्त्र लाइसेंस भी दिया जाए जिससे वह अपनी रक्षा कर सके क्योंकि आरोपी यशवीर सिंह भदौरिया के पिता अभी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। वही पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी यशवीर सिंह भदौरिया उसके साथी रंजीत बाल्मिक और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि एक साथी अभी भी फरार है। वही पुलिस ने इन चारो आरोपियो के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। लेकिन अब इस मौत के बाद पुलिस अब चारो के खिलाफ हत्या के प्रयास के साथ साथ अब हत्या का मामला दर्ज करेगी।












