ग्वालियर – जयारोग्य अस्पताल में पदस्थ हथियारों के शौकीन एक लैब असिस्टेंट योगेंद्र परमार पर अस्पताल के ही नर्सिंग ऑफिसर पंकज पचौरी ने भाड़े के बदमाशों को भेजकर उसकी मारपीट करने और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस किसी बदमाश को गिरफ्तार कर सकी है और न ही संदेही योगेंद्र परमार से पूछताछ कर पाई है। लिहाजा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर पंकज पचौरी ने मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है ।नर्सिंग ऑफिसर पंकज पचौरी का आरोप है कि लैब असिस्टेंट योगेंद्र परमार अस्पताल परिसर में गुंडागर्दी करता है और लोगों से अवैध वसूली भी करता है।
योगेंद्र परमार को शक था कि पंकज पचौरी ने उसकी करगुजारियों की शिकायत कुछ मीडिया कर्मियों से की थी जिसके कारण उसके खिलाफ सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफार्म पर खबरें आई थीं। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। 23 अगस्त को जब ड्यूटी खत्म होने के बाद पंकज पचौरी अपने घर अलकापुरी जा रहे थे तभी कटोरा ताल के पास आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने इसकी लात घूंसे और बेल्टों से जमकर मारपीट की। जिसके कारण उसकी एक आंख से दिखाई देना बंद हो गया है।
आई स्पेशलिस्ट ने उसे दिल्ली के एम्स में रेफर किया है। पीड़ित पंकज पचौरी का कहना है कि पुलिस ने मामूली धाराओं में बमुश्किल केस दर्ज किया है और संदेही के रूप में ही योगेंद्र परमार का नाम लिखा है ।लेकिन उससे अभी तक पूछताछ नहीं की गई है ।अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। संदेही से भी पूछताछ की जाएगी। योगेंद्र परमार का हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर एक फोटो भी वायरल हो रहा है जिसमें वह बंदूक और पिस्तौल के साथ दिखाई दे रहा है ।












