ग्वालियर
खुले चेंबर में गिरे ग्वालियर के मीडिया कर्मी अतुल राठौर ने आखिर 3 दिन जीवन और मौत से संघर्ष करते हुए सोमवार मंगलवार की रात 2:00 बजे जयारोग्य अस्पताल में दम तोड़ दिया। तानाशाह, भ्रष्ट व निकृष्ट हो चुके शासन, प्रशासन व नगर निगम ने आखिर न केवल एक पत्रकार की जान ली है बल्कि आए दिन शहर में इस प्रकार के हादसे आम बात हो गए हैं। विकास का ढिंढोरा पीट रही सरकार को इस घटना ने आईना दिखाया है कि किस प्रकार से उसके जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।

मूक दर्शक बना रहा प्रशासन
हजीरा निवासी मीडिया कर्मी अतुल राठौर शनिवार की रात ड्यूटी से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे ,तभी हजीरा के पास खुदी सड़क के खुले चेंबर से टकराकर वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें जयारोग्य अस्पताल में शिफ्ट तो कर दिया गया लेकिन शासन, प्रशासन और नगर निगम की ओर से इलाज के नाम पर केवल ढांढस बंधाया जाता रहा । परिजनों पर यदि पैसा होता तो उसे दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल ले जाया जा सकता था जहां उसकी जान बच सकती थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और नेता केवल आश्वासन देते रहे। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी, 2 साल की मासूम बेटी, वृद्ध मां और भाई भूपेंद्र , उनकी पत्नी व बेटा है । अतुल के पिता का निधन हो चुका है। परिवार का खर्च अतुल व उसका भाई चला रहे थे ,भाई ऑटो चलाता है।












