MPCCI का 118वां स्थापना दिवस समारोह

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सौर ऊर्जा के उपयोग को बढावा देने के लिए जागरूकता जरूरी : सांसद  विवेक नारायण शेजवलकर
सौर ऊर्जा – शासन की योजना एवं हमारा योगदान विषय पर सेमीनार आयोजित
ग्वालियर  –  मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (MPCCI) के 118वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार, दिनांक 26 मई,2023 को दोपहर 01.00 बजे सौर ऊर्जा – शासन की योजना एवं हमारा योगदान विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद- विवेक नारायण शेजवलकर के साथ ही, मुख्य अभियंता, सौर ऊर्जा विकास निगम-कांत देशमुख, उप मुख्य महाप्रबंधक, म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. भोपाल-श्रीमती दीप्ति मिश्रा, महाप्रबंधक शहर वृत्त- नितिन मांगलिक, म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. भोपाल के मैनेजर- शंकरलाल अग्रवाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्बारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर, किया गया। तदुपरांत पदाधिकारियों द्बारा अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन में अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने उपस्थित महानुभावों को 118वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई दी तथा पूर्व अध्यक्षगणों एवं सभी पूर्व पदाधिकारियों के योगदान का इस अवसर पर स्मरण करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के कारण ही आज संस्था का 118वां स्थापना दिवस हम मना रहे हैं।

आज का यह कार्यक्रम सौर ऊर्जा पर आयोजित किया गया है। इस नवकरणीय ऊर्जा का हमारी उन्नति में ही नहीं अपितु देश की उन्नति में बड़ा योगदान है । सौर ऊर्जा के संबंध में शासन की योजना और इसके संबंध में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने में आज का यह सेमीनार सहायक सिद्घ होगा, ऐसी मैं अपेक्षा करता हूँ। यह कार्यक्रम एक शुरूआत है। इस पर आगे भी कार्यक्रम चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्बारा निरंतर किये जाते रहेंगे।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल ने कहा कि सौर ऊर्जा कभी खत्म न होने वाली ऊर्जा है और बहुत आसानी से उपलब्ध है और दुर्घटना की संभावना सबसे कम है। पृथ्वी पर जितनी ऊर्जा की आवश्‍यकता दैनिक जीवन के लिए है, उससे कहीं अधिक मात्रा में सौर ऊर्जा प्राकृतिक रूप में उपलब्ध है। बस आवश्‍यकता इस बात की है कि इसका उपयोग हम अधिक से अधिक करें और विश्व की ऊर्जा जरूरतों को बगैर किसी प्रदूषण के पूर्ति कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य अभियंता, सौर ऊर्जा विकास निगम-कांत देशमुख ने सौर ऊर्जा के सम्बन्ध में पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि सौर ऊर्जा से विद्युत की बचत तो है ही वातावरण को भी इससे लाभ पहुंचता है। आज जो जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे सामने परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढावा मिलने से इन परिस्थितियों में भी सुधार होगा। वर्ष 1981 से सौर ऊर्जा योजना शुरू की गई है। आपने बताया कि घरेलू सोलर सिस्टम लगाने पर 3 किलोवाट तक का प्लांट लगाने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।

वहीं 3 किलोवोट से 10 किलोवाट तक के प्लांट पर 20 प्रतिशत सब्सिडी भारत सरकार द्बारा दी जाती है। वहीं रेजीडेंसियल वेल्फेयर सोसायटी के लिए यह सब्सिडी 30 प्रतिशत दी जाती है। सोलर सिस्टम अब मार्केट का उत्पाद हो गया है। आपने बताया कि सौर ऊर्जा का उपयोग करने में गुजरात, कर्नाटक आगे हैं, मध्यप्रदेश के लोग भी इसे अपनायें, यह हमारा प्रयास है।

उप मुख्य महाप्रबंधक, म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. भोपाल-श्रीमती दीप्ति मिश्रा ने कहा कि सौर ऊर्जा में वन टाइम खर्च कर, लोंग टाइम लाभ लिये जा सकते हैं। आपने कहा कि म.प्र. के अन्य शहरों की अपेक्षा ग्वालियर ने सौर ऊर्जा के महत्व को कम समझा है। इस दिशा में जागरूकता की आवश्‍यकता है और यह कार्यक्रम इस उद्देश्‍य को पूर्ण करेगा। आपने बताया कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं का बिल अभी 8 से 10 हजार तक आता है, वह सौर ऊर्जा के माध्यम से एक हजार रूपये तक रह सकता है। आप अपने घर की छत पर इस सिस्टम को स्थापित कर सकते हैं।

आपने बताया कि 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर 1.50 लाख रूपये तक का खर्च आता है। 1 किलोवाट सिस्टम के लिए आपकी छत पर 100 वर्गफीट जगह की आवश्‍यकता पड़ती है, जबकि नये सोलर पैनल 50 वर्गफीट में ही स्थापित हो जाते हैं। आपने बताया कि पूर्व में सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी वेण्डर के खाते में आती थी, अब सरकार इस सब्सिडी को सीधे उपभोक्ता के खाते में भेजती है। आपने बताया कि इसके लिए आपके यहां नेट मीटरिंग विद्युत वितरण कंपनी द्बारा लगाया जायेगा।

सोलर सिस्टम लगाने के लिए आप वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जहां आपको रजिस्टर्ड वेण्डर्स भी मिल जायेंगे, उन वेण्डर्स में से किसी भी वेण्डर्स से आप सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। सोलर सिस्टम से जहां एक ओर आप अपना बिजली खर्च बचाते हैं, वही आप देश के लिए ऊर्जा का भी उत्पादन करते हैं। आपने बताया कि सरकार द्बारा भारत में उत्पादित डोमेस्टिक सोलर पैनल पर ही सब्सिडी दी जाती है।

महाप्रबंधक (शहर वृत्त), म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. सर्किल ग्वालियर- नितिन मांगलिक ने कहा कि भारत सरकार द्बारा 2030 तक सौर ऊर्जा के उपयोग को 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। आपने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से आप अपने घर का विद्युत बिल कम कर सकते हैं। सोलर सिस्टम लगाने पर आने वाली लागत 3 साल में निकल आती है, उसके बाद आपके लिए फायदा ही फायदा है। आपने कहा कि सोलर सिस्टम लगाने पर उपभोक्ताओं को यदि विद्युत वितरण कंपनी की ओर से कोई परेशानी आती है तो आप सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि-सांसद  विवेकनारायण शेजवलकर ने कहा कि भारत सरकार ने सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए 300 गीगावॉट का लक्ष्य रखा है लेकिन अभी हम 168 गीगावाट तक ही पहुंचे हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग को हम जागरूकता से ही बढा सकते हैं। आज का यह कार्यक्रम इस लक्ष्य को पूर्ण करने में सहायक होगा। आपने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी द्बारा सोलर सिस्टम का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से अन्य चार्ज भी लिये जाते हैं जो कि नहीं लिये जाने चाहिए।

आपने उदाहरण दिया कि यदि उपभोक्ता के यहां लगा सोलर सिस्टम 500 यूनिट विद्युत उत्पादित करता है और उपभोक्ता द्बारा 500 यूनिट ही खपत की जाती है तो उपभोक्ता का बिल शून्य आना चाहिए जबकि ऐसा नहीं होता है। सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इस विसंगति को दूर किया जाना आवश्‍यक है। आपने कहा कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स का सरोकार व्यापार एवं उद्योग हित के साथ ही आमजन से जुड़े मुद्दों पर भी रहता है, जो कि प्रशंसनीय है।

सवाल-जवाब सेशन में उपस्थित महानुभावों द्बारा अपनी जिज्ञासाओं संबंधी प्रश्न किये गये जिनका समाधान उपस्थित वक्ताओं द्बारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।
कार्यक्रम का संचालन मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल तथा आभार मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त अध्यक्ष-हेमंत गुप्ता, उपाध्यक्ष-डॉ. राकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल सहित पूर्व उपाध्यक्षद्बय-राधाकिशन खेतान, पारस जैन, पूर्व मानसेवी संयुक्त सचिव-जगदीश मित्तल पूर्व कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल सहित काफी संख्या में कार्यकारिणी समिति सदस्यगण व चेम्बर सदस्यगण उपस्थित रहे।

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