गाजियाबाद -उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित डासना मंदिर में अमेरिका में रहने वाली एक महिला ने 19 तोले के सोने के मुकुट को भगवान शिव को अर्पित किया है। बताया जा रहा है कि मूलरूप से गुजरात की रहने वाली महिला पेशे से डॉक्टर है और फिलहाल अमेरिका में रहकर डॉक्टर के रूप में काम कर रही है।

बताया जा रहा है कि इस महिला मुस्लिम ने सनातन धर्म में वापसी के बाद मनोकामना पूरी होने पर सोने का मुकुट चढ़ाया है। डासना मंदिर के महंत महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती के संपर्क में आने के बाद घर वापसी करते हुए इस एनआरआई महिला ने सनातन धर्म अपनाया। गौरतलब है कि डासना का देवी मंदिर हमेशा सही सुर्खियों में रहा है, क्योंकि मंदिर के महंत यदि नरसिम्हा नंद सरस्वती हमेशा इस्लाम को लेकर दिए अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं।
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इस बार अमेरिका में रहने वाली डॉक्टर महिला ने स्वामी यति नरसिंहानंद से बात करने के बाद सनातन धर्म के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जानकारी हासिल की, जिसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म को छोड़ते हुए सनातन धर्म अपना लिया। मूलरूप से गुजरात की रहने वाली अमेरिका में डॉक्टर महिला ने अपनी कमाई का 50 फीसदी पैसा सनातन धर्म के लिए काम करने के लिए लगा दिया है।
वहीं दूसरी ओर यति नरसिंहानंद सरस्वती के माध्यम से ही उन्होंने सनातन धर्म को जाना उस रिश्ते से दोनों ही गुरु भाई बहन बन गए हैं। मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर में पूर्व में भी चोरी हो चुकी है, तो ऐसे में बहन के द्वारा दिए गए इस मुकुट को जलाकर अष्टधातु की शिव जी की मूर्ति की स्थापना मंदिर में ही की जाएगी।








