संतुष्टि के साथ कराएँ सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण – कलेक्टर श्रीमती चौहान

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सिटी रिपोटर ग्वालियर !
आवेदक की संतुष्टि के साथ सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण कराएँ। कार्यालय प्रमुख अधीनस्थ कर्मचारियों पर निर्भर न रहकर सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को स्वयं देखें और संतुष्टि के साथ निराकरण कराएँ। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतर विभागीय समन्वय बैठक में सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने हर बार की तरह मीटिंग से शिकायतकर्ताओं को फोन लगवाकर निराकरण की स्थिति जानी।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जल संसाधन विभाग की शिकायतों के निराकरण की स्थिति ठीक न
पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा जल संसाधन संभाग ग्वालियर व डबरा के कार्यपालन
यंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजा जायेगा। शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता ठीक न पाए जाने पर उन्होंने सहकारिता विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को कारणबताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई शिकायत बिना अटेंड किए अगले स्तर पर जाए तो इसके लिये जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी को नोटिस देने तक सीमित न रहकर उसका वेतन काटें।
अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ व अन्य उपज
के उपार्जन के लिये किसानों के पंजीयन में तेजी लाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने जिला आपूर्ति
नियंत्रक व सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में स्वीकृत सभी 37 खरीदी
केन्द्र सक्रिय रहें, जिससे किसानों को पंजीयन में दिक्कत न आए। उन्होंने घर बैठे किसान एप या एमपी ऑनलाइन, सीएससी इत्यादि के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराने के लिये भी कहा। बैठक में फॉर्मर आईडी व ई-केवायसी, विकासखंड स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने के लिये हर शुक्रवार को लगाए जा रहे शिविरों की समीक्षा की गई। साथ ही वन विभाग से संबंधित निर्माण
विभागों की समस्याओं का समाधान भी बैठक में कराया गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, वन मंडलाधिकारी श्री अंकित पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम व श्री टी एन सिंह सहित जिले के एसडीएम व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने में आनाकानी करने वाली संस्थाओं के खिलाफ होगी कार्रवाई कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांग बच्चों को भी सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को स्कूल में न आने के लिये बाध्य करने वाले सरकारी व निजी स्कूलों के प्राचार्यों व

प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति पाई जाए तो दिव्यांग बच्चे के माता-पिता या अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कलेक्टर ने शिक्षण संस्थाओं में बच्चों के लिये बाधा रहित वातावरण बनाने के निर्देश भी बैठक में दिए। खुले में माँस-मछली की बिक्री व ध्वनि प्रदूषण को सख्ती से रोकें

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में मौजूद सभी एसडीएम एवं नगरीय निकायों के
अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में माँस-मछली बिक्री को रोकने के लिये चलाई गई मुहिम को
फिर से तेज करें। साथ ही कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन कर ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर भी सख्ती बरती जाए। उन्होंने कहा खुले में माँस – मछली बेचने वालों पर जुर्माना लगाएं। साथ ही ऐसी दुकानों को ग्रीन नेट व अन्य साधनों से ढँकवाएँ।

सभी कार्यालय प्रमुख ई-ऑफिस प्रणाली अपनाएँ

राज्य शासन के निर्देशों के तहत अब सभी शासकीय कार्यालयों में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली लागू करना अनिवार्य है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मचारियों की शासकीय ईमेल आईडी बनवाएँ। साथ ही एनआईसी का सहयोग लेकर EMD फाइल बनाने का काम भी जल्द से जल्द कर लें। बैठक में जानकारी दी गई कि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एनआईसी द्वारा 13 व 14 फरवरी को अधिकारियो व कर्मचारियों का प्रशिक्षण रखा गया है।

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