शोषण की पराकाष्ठा, अब कुछ करेंगे या मरेंगे

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फूलबाग चौराहा पर शुरू हुआ कॉलेज के गेस्ट फैकल्टी का अनिश्चतकालीन आंदोलन

ग्वालियर।

पिछले 15 सालों से नियमितिकरण की मांग कर रहे कॉलेज के अतिथि विद्वानों (गेस्ट फैकल्टी) ने गुरुवार से हुंकार भर दी। ग्वालियर के फूलबाग चौराहा पर अनिश्चतकालीन धरना शुरू करते हुए अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह भदौरिया ने कहा कि शोषण की पराकाष्ठा हो गई । हम इस शोषणपूर्ण व्यवस्था से कराह उठे हैं। हमारी पीड़ा अब सड़कों पर दिखेगी। करो या मरो के नारे की तरह इस बार कुछ करेंगे ही या मरेंगे ही, लेकिन झुकेंगे नहीं।

अतिथि विद्वानों ने दिसम्बर 2019 में नेताओं द्वारा दिये इन बयानों का ऐसे दिया जबाव

1. टाइगर अभी जिंदा है – शिवराज सिंह चौहान
2. टाइगर सर्कस वाला बन गया – अथिति विद्वान
3. मैं अतिथि विद्वानों की ढाल भी बनूगा और तलवार भी – ज्योतिरादित्य सिंधिया
4. कहाँ गई ढाल – तलवार – अथिति विद्वान

5. मैं अतिथि विद्वानो के लिए सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर जाऊँगा – ज्योतिरादित्य सिंधिया ।

6 सिंधिया जी तो सदन में पहुँच गए – अतिधि विद्वान सड़क पर ही पड़े रह गए । धोखा दिया राजा ने – अतिथि विद्वान

अतिथ विद्वानों ने कहा कि सरकार ने जिस प्रकार से छलावा किया है वह न केवल अतिथि विद्वानों बल्कि उनके आश्रित परिजनों की आंखों से आंसुओं के रूप में अब छलक उठा है। इनके हृदय में क्रोध की ज्वाला भड़क उठी है। धीरे-धीरे करके सरकार साथियों को बाहर करती जा रही है और नए लोगों को या प्रदेश के बाहर के लोगों को अवसर प्रदान करती जा रही है । इससे प्रदेश का युवा निरंतर बेरोजगार होता जा रहा है |

 

 

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