दूसरी बार मादा बब्बर शेर (लॉयन) ने दिया 3 शावकों को जन्म
ग्वालियर ।
गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर), ग्वालियर में बब्बर शेर (लॉयन) मादा परी ने रविवार सोमवार की आधी रात को 3 शावकों को जन्म दिया गया है। मादा परी एवं नर जय के द्वारा दूसरी बार शावकों को जन्म दिया गया है। चिड़ियाघर में 2012 में नंदनवन जू रायपुर से लॉयन नर (जय) को एवं मादा परी को कानन पेण्डारी जू विलासपुर से ग्वालियर चिड़ियाघर लाया गया था।
उपायुक्त चिडियाघर डा प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि गांधी प्राणी उद्यान में बब्बर शेर (लॉयन) के परिवार में वर्ष 2020 में भी मादा परी द्वारा 03 शावकों को जन्म दिया गया था जिनमें 02 नर (इंतजार, अर्जुन) व 01 मादा जिसका नाम तमन्ना है।
महापौर भी पहुंची
सोमवार की देर शाम महापौर डाॅ शोभा सतीश सिकरवार, सभापति मनोज सिंह तोमर, एमआईसी सदस्य श्रीमती सुनीता अरुण कुशवाह एमआईसी सदस्य अबधेश कौरव, विधायक प्रतिनिधि श्री कृष्णराव दीक्षित एवं अपर आयुक्त अतेंद्र गुर्जर ने चिडियाघर पंहुचकर लाॅयन एवं शावकों के स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं चिडियाधर में घूम रहे सैलानियों व बच्चों को टाॅफी वितरित की।
उल्लेखनीय है कि चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेन्द्र सिंह यादव, क्यूरेटर गौरव परिहार, जू कीपर अशोक, सहायक जू कीपर शिवकुमार पाल एवं एनीमल कीपर उमाचरण के कुशल वन्यप्राणी प्रबंधन के बाद यह उपलब्धि हासिल हुई है।
वर्तमान में मादा परी एवं उसके तीनो शावक स्वस्थ्य प्रतीत हो रहे हैं मादा को खाने के रूप में हल्का खाना जैसे चिकन सूप, दूध, उबले हुऐ अण्डे इत्यादि दिये जा रहे है।

वर्तमान में शीतऋतु प्रारम्भ हो गई है जिसको दृष्टिगत रखते हुये निगम आयुक्त किशोर कान्याल द्वारा चिड़ियाघर प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि शिशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखें एवं 25 से 30 दिन तक बच्चों को आईसोलेशन में रखा जाए क्योंकि नवजात शिशुओं में संक्रमण की सम्भावना प्रबल रहती है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी समस्त प्रोटोकोलों का पालन केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्धारित गाईड लाईन के अनुसार किया जाये।












