जिनके नमूने बार-बार अमानक पाए जाएँ उन फर्मों के लायसेंस निलंबित करें – कलेक्टर

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खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को बैठक लेकर दिए निर्देश

अर्थदण्ड जमा न करने वाली फर्मों का कारोबार बंद कराया जायेगा

बाहर से आने वाले मावा व पनीर पर पैनी नजर रखने के निर्देश

जिन फर्मों के खाद्य पदार्थों के नमूने बार-बार अमानक पाए जा रहे हैं उन फर्मों के लायसेंस व पंजीयन निलंबित करें। साथ ही अर्थदण्ड जमा न करने वाली फर्मों के लायसेंस व पंजीयन निलंबित करने के साथ-साथ उनके कारोबार को भी विधिक प्रक्रिया अपनाकर बंद कराया जाए। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को दिए।
शनिवार को यहां कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में बाहर से आने वाले मावा व पनीर के परिवहन पर पैनी नजर रखें। बस स्टेण्ड व रेलवे स्टेशन पर इसकी लगातार चैकिंग की जाए। उन्होंने जिले में खाद्य पदार्थों विशेषकर दूध एवं दूध के उत्पादों की निरंतर सेम्पलिंग करने पर विशेष बल दिया।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने बैठक में कहा कि ग्राहकों को दूध एवं दूध से बने उत्पादों की नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराने वाली फर्मों की जानकारी भी दिलाई जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों की शिकायत दर्ज करने के लिये निर्धारित किए गए फोन नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मिलावट की शिकायत मोबाइल नम्बर 7999577244 पर दर्ज कराई जा सकती है।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार व  टी एन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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