पंजीयन विभाग का एक और महाघोटाला, जांच में फंसे रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार
हरीश चन्द्रा, ग्वालियर।
रजिस्ट्रार कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की देख रेख में सब रजिस्ट्रार मोटी घूस लेकर करोड़ों की विवादित व सरकारी जमीनों को ठिकाने लगा रहे हैं। ऐसे एक मामले में पिछले दिनों सब रजिस्ट्रार मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को सस्पेंड किया जा चुका है, अब इससे बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इसमें रिटायर्डमेंट से पहले सब रजिस्ट्रार हरिओम शर्मा ने मोटी घूस लेकर चिटफंड कंपनी परिवार रियल इस्टेट एंड डवलपर्स की करीब 10 करोड़ की कुर्क जमीन को निजी हाथों में बेच दिया। एक शिकायत के बाद कलेक्टर रूचिका चौहान के निर्देश पर वरिष्ठ जिला पंजीयक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच में सब रजिस्ट्रार हरिओम शर्मा की पेंशन रोकने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। देखना है कि अब इस मामले में लीपापोती होती है या भ्रष्ट अफसर को जेल की सलाखों में भेजा जाता है।
![]()
परिवार रियल इस्टेट की इन संपत्तियों को बेचा
परिवार रियल इस्टेट कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता राकेश सिंह नरवरिया ने वार्ड क्रमांक 64 में प्लॉट क्रमांक 11 के 144 वर्गमीटर को सुनील झा पुत्र पुरुषोत्तम झा निवासी रामबाग कॉलोनी शिंदे की छावनी, प्लॉट क्रमांक 67 के 162 वर्गमीटर को दीप्ती मलानी पत्नी संदीप मलानी निवासी जनकपुरी, प्लॉट क्रमांक 8 के 162 वर्गमीटर को रुचि अग्रवाल पत्नी राहुल अग्रवाल निवासी गायत्री नगर को तथा प्लॉट क्रमांक 10 के 144 वर्गमीटर को कंचन आहूजा पत्नी आतमदास आहूजा निवासी रामबाग कॉलोनी को बेचा। सभी चारों रजिस्ट्रियां सब रजिस्ट्रार हरिओम शर्मा ने कीं। आरटीआई कार्यकर्ता ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों (EOW) में शिकायत की। EOW ने कलेक्टर को पत्र भेजा। कलेक्टर ने जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ जिला पंजीयक को दी। इस जांच में यह तथ्य सामने आया है।
2011 में कुर्क हो चुकी है जमीन
चिटफंड कंपनी परिवार रीयल इस्टेट, गरिमा रीयल इस्टेट सहित अन्य ने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े किये थे और जनता के करोड़ों रुपए लेकर भाग गये थे। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे। कानूनी कार्रवाई के तहत कलेक्टर ने समस्त चिटफंड कंपनियों की संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। लेकिन फिर भी रजिस्ट्रार कार्यालय के भ्रष्ट अधिकारी घूस लेकर संपत्तियों की रजिस्ट्रियां करते रहे। एक शिकायतकर्ता व आरटीआई कार्यकर्ता ने परिवार रियल इस्टेट की चार रजिस्ट्रियां पकड़ी थीं जिन्हें हरिओम शर्मा ने घूस लेकर पंजीयन किया था।












