बेसलाइन सर्वे एवं निर्वाचन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
सबसे कम मतदान प्रतिशत वाले मतदान केन्द्रों का होगा बेसलाइन सर्वे
ग्वालियर – विधानसभा आम निर्वाचन के लिये अभी से पुख्ता तैयारियाँ करें। अधिकारी-कर्मचारियों को चुनावी कार्यों के दायित्व सौंपें, डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन प्लान बनाएँ, हर मतदान केन्द्र का भौतिक सत्यापन, विभाग के कर्मचारियों के डेटाबेस का शुद्धिकरण व वाहनों की मरम्मत सहित सभी प्रकार की चुनावी तैयारियाँ अभी से की जाएँ।
इस आशय के निर्देश कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग के तहत होने जा रहे बेसलाइन सर्वे और चुनाव संबंधी अन्य तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के समस्त मतदान केन्द्रों का अभी से भौतिक सत्यापन कर लिया जाए। यदि किसी मतदान केन्द्र के भवन में मरम्मत की जरूरत है या फिर मतदान केन्द्र को दूसरे भवन में शिफ्ट करना जरूरी है तो उसके प्रस्ताव तत्काल दिए जाएँ। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को ताकीद किया कि वे अपने कार्यालय के शासकीय सेवकों की सूची अपडेट कर जल्द से जल्द एनआईसी को उपलब्ध कराएँ। इस कार्य में किसी प्रकार की ढ़िलाई न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने बेसलाइन सर्वे के काम को प्रमुखता से अंजाम देने के निर्देश भी बैठक में दिए। साथ ही कहा कि स्वीप प्लान को भी बेहतर ढंग से अंजाम दें।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में “आयोग आपके द्वार” के तहत बीएलओ घर-घर जाकर नए मतदाताओं के नाम जोड़ने व त्रुटियों में सुधार के लिये आवेदन ले रहे हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत जिले में भी गत 17 अप्रैल से मतदाता सूची का वाचन कराया जा रहा है, जो 16 मई तक जारी रहेगा।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, अपर कलेक्टर एच बी शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जे पी गुप्ता, जिले के सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एस बी ओझा सहित बेसलाइन सर्वे के लिये तैनात किए गए प्राध्यापकगण मौजूद थे।
कम मतदान प्रतिशत वाले 20 – 20 मतदान केन्द्रों के क्षेत्र में बेसलाइन सर्वे
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के उन 20-20 मतदान केन्द्रों के क्षेत्र में बेसलाइन सर्वे किया जायेगा, जहाँ पिछले चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत अत्यधिक कम रहा है। बेसलाइन सर्वे के दौरान मतदाताओं से चर्चा के लिये सामाजिक व आर्थिक आधार रखा गया है।
साथ ही महिला, पुरूष, अनुसूचित जाति, जनजाति, ट्रांसजेंडर एवं युवा मतदाता इत्यादि मतदाताओं से भी चर्चा की जायेगी। बेसलाइन सर्वे का काम महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से कराया जायेगा। इसके लिये उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री एस बी ओझा ने बताया कि बेसलाइन सर्वे के लिये आयोग द्वारा 80 प्रकार के प्रश्न निर्धारित किए गए हैं।












