रांची – कृषि शुल्क विधेयक के विरोध में बुधवार से राज्य के लगभग डेढ़ लाख खाद्यान्न व्यवसाई अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इनका कहना है कि जब तक राज्य सरकार इसे वापस नहीं लेती है व्यवसायियों का आंदोलन जारी रहेगा।

राज्य सरकार द्वारा लाए गए कृषि उत्पादन विधेयक के विरोध में राज्य के भर व्यवसायियों ने बुधवार से अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। बंद को सफल बनाने और व्यापारियों की एकजुटता के लिए झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर मंत्री समेत अन्य पदाधिकारियों ने सड़क पर उतर कर अपना विरोध दर्ज कराया। इनका कहना है कि जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है उनका विरोध जारी रहेगा।
हड़ताल के कारण रांची के पंडरा बाजार समिति में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ताले लटके रहे। व्यापारियों का कहना है कि बंदी के कारण हर दिन 100 करोड़ रूपए से अधिक का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित होगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा लाए गए कृषि उत्पादन विधेयक में 2 फ़ीसदी शुल्क लगाया गया है। चेंबर द्वारा बताया जा रहा है कि शुल्क वृद्धि से महंगाई और अधिक बढ़ेगी।











