नल-जल योजनायें अधूरी रहीं तो बिगड़ेगी अधिकारियों की सीआर

0
111

ग्वालियर – जिन नल-जल योजनाओं का काम एक साल पहले शुरू हुआ था, उन सभी योजनाओं को विशेष अभियान चलाकर अगले दो माह के भीतर पूर्ण कराएँ। यदि एक साल पुरानी कोई नल-जल योजना अधूरी रही तो संबंधित कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री व उपयंत्री की सीआर में विपरीत टिप्पणी दर्ज की जायेगी। साथ ही सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। ग्रामीण नल-जल योजनाओं पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विशेष ध्यान है। इसलिए नल-जल योजनाओं के काम में कोई ढ़िलाई न हो। इस आशय के निर्देश संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रामीण नल-जल योजनाओं एवं अन्य पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए।

बुधवार को यहाँ संभाग आयुक्त कार्यालय में आयोजित हुई बैठक में संभाग आयुक्त सिंह ने पीएचई के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि संभाग के दोनों जिलों के कार्यपालन यंत्रियों को लिखित में निर्देश जारी करें कि यदि जून तक नल-जल योजनायें पूरी नहीं हुईं तो वे एवं उनके अधीनस्थ सहायक यंत्री व उपयंत्री व्यक्तिश: जवाबदेह होंगे। उन्होंने कहा कि धन की कमी नहीं है और कार्य करने में कोई बाधा नहीं है, इसके बाबजूद यदि नल जल योजना का काम धीमा हुआ तो संबंधित अधिकारी को स्पष्टीकरण देना होगा कि काम में क्यों देरी हो रही है। सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि संभाग के हर जिले में साप्ताहिक टीएल की बैठक में जिला कलेक्टर से भी नियमित रूप से नल-जल योजनाओं की समीक्षा कराएँ।

संभाग आयुक्त ने पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं को जिला कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर संबंधित ग्राम पंचायतों को सुपुर्द कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं अन्य मैदानी कर्मचारियों को नल-जल योजनाओं के संधारण और जल कर वसूलने का प्रशिक्षण भी दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि नल-जल योजनाओं को नियमित रूप से संचालित करने के लिये जल कर जमा होना भी जरूरी है।
बैठक में मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी आरएलएस मौर्य, संयुक्त आयुक्त विकास डोडियार, संभागीय नोडल अधिकारी  विशाल सिंह तोमर, चंबल व ग्वालियर संभाग के अधीक्षण यंत्री पीएचई एवं सभी जिलों के कार्यपालन यंत्री सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को मूलरूप में लाएँ

संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने बैठक में जोर देकर कहा कि नल-जल योजनाओं की पाइपलाइन बिछाने के लिये खोदी गई सड़कों की मरम्मत कर मूलरूप में लाएँ। विशेष अभियान चलाकर यह काम किया जाए। उन्होंने साफ किया इस काम में जरा सी भी ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही निर्देश दिए कि ठेकेदार का पूरा भुगतान तभी करें जब सड़कों को मूलरूप में लाने का काम पूर्ण हो जाए।

ग्वालियर संभाग में 680 और चंबल में 197 नल-जल योजनायें बनकर तैयार

जल जीवन मिशन के तहत ग्वालियर संभाग में अब तक 680 नल-जल योजनायें बनकर तैयार हो गई हैं और इनसे संबंधित गाँवों में घर-घर नल की टोंटी से पानी मिलने लगा है। इसी तरह चंबल संभाग में 197 नल-जल योजनाओं का काम पूरा हो चुका है। ग्वालियर संभाग में कुल 2110 नल जल योजनाओं का निर्माण प्रस्तावित है। जिसमें से ग्वालियर सहित सभी पाँचों जिलों में कुल 1731 नल-जल योजनाओं की निविदायें मंजूर होकर काम शुरू हो चुका है। इसी तरह चंबल संभाग में कुल 2070 नल जल योजनायें मूर्तरूप दी जानी है। चंबल संभाग में 1896 नल जल योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है।

LEAVE A REPLY