हस्तशिल्प कलाकार दम्पत्ति पद्म पुरस्कार से सम्मानित; राष्ट्रपति ने दिया पुरस्कार

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झाबुआ  –  महामहिम राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में नागरिक अलंकरण समारोह में आदिवासी गुड़िया कला को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाले जिले के हस्तशिल्प कलाकार दंपत्ति रमेश परमार औरमती शांति परमार को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा मध्यप्रदेश की तीन विभूतियों को वर्ष 2023 क पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उक्त सम्मान के तहत कला के क्षेत्र में जिले के परमार दम्पत्ति सहित चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. मुनीश्वर चंद्र डावर को भी पद्म से सम्मानित किया गया।

 

उल्लेखनीय है कि झाबुआ के कलाकार दंपत्ति द्वारा पिछले करीब तीन दशक से झाबुआ की सुप्रसिद्ध पिथौराकला सहित जनजातीय गुड़िया और पारंपरिक जनजातीय परिधान के निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। हस्तशिल्प कलाकार दम्पत्ति हस्तशिल्प कला से 1993 से जुड़े है। 15 अगस्त 1997 को मती शान्ति परमार को झाबुआ के तात्कालीन कलेक्टर मनोज वास्तव द्वारा आदिवासी गुडिया बनाने के लिये सर्वश्रेष्ठ शिल्पी के रूप में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था।

इसके बाद ये लगातार मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले शिल्पी मेलों सहित राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय मेलो में लगातार अपनी हस्तशिल्प कला जिसमें आदिवासी गुडिया, तीर-कमान, बैलगाड़ी, पिथोरा आर्ट, आदिवासी पेंटिंग का प्रदर्शन करते रहे है। राष्ट्रपति द्वारा जबलपुर के चिकित्सक डॉ. मुनीश्वरचंद्र डावर को किफायती इलाज से समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की सेवा किए जाने की एवज में पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

 

राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में नागरिक अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में वर्ष 2023 के लिए 3 पद्म विभूषण, 5 पद्म भूषण और 47 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए।

 

 

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