इस्लामाबाद – पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व पीएम इमरान खान ने पाकिस्तान न्यायपालिका से कहा है कि वह ब्लैकमेलिंग के अभिशाप और लोगों की निजता और गरिमा के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन से समाज की रक्षा करे। विरोधियों को ब्लैकमेल करने के लिए फोन टैपिंग और फेक वीडियो बनाने में शामिल रहा है। पीटीआई प्रमुख का बयान तब आया जब वह पीटीआई मध्य पंजाब के अध्यक्ष डॉ. यास्मीन राशिद के साथ टीवी पर देश को संबोधित कर रहे थे। ठीक एक दिन पहले डॉ. राशिद की पूर्व सीसीपीओ गुलाम महमूद डोगर के साथ फोन कॉल सोशल मीडिया पर जारी हुई थी।
खान ने ब्लैकमेलिंग की चिंता के बारे में बात कर कहा कि फोन टैपिंग और डीपफेक वीडियो बनाने में शामिल लोगों को बेनकाब करने की जरूरत है, क्योंकि वे फेयर ट्रायल एक्ट के साथ-साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का भी उल्लंघन कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री खान ने कहा कि डॉ राशिद और पूर्व सीसीपीओ के बीच बातचीत को जारी करने का उद्देश्य पिछले साल वजीराबाद में उन पर हुए हमले की जेआईटी जांच को विफल करना था।
पूर्व पीएम खान के हलफनामे और पावर ऑफ अटॉर्नी पर अलग-अलग हस्ताक्षरों की पीठ द्वारा लिए गए नोटिस पर सोमवार को लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) के समक्ष पेश होने की संभावना है। पीटीआई प्रमुख को अदालत ने तब तलब किया था जब उसने पिछले सप्ताह बुलाई थी और दस्तावेजों में विसंगति देखी थी। पूर्व प्रधानमंत्री को पिछले हफ्ते भी अदालत ने तलब किया था, जब उन्होंने पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा उनकी अयोग्यता के खिलाफ इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित बर्बरता को लेकर उनके खिलाफ दर्ज एक आतंकी मामले में जमानत के लिए एलएचसी का दरवाजा खटखटाया।











