परिषद में कर्मचारियों के लिए अशोभनीय शब्द इस्तेमाल करने पर पार्षद बृजेश श्रीवास को घेरा

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मामला नगर निगम परिषद की बैठक में कर्मचारी के खिलाफ अशोभनीय भाषा का उपयोग करना
ग्वालियर।


नगर निगम परिषद में पार्षद बृजेश श्रीवास द्वारा नगर निगम के कर्मचारियों को चोर जेबकतरे गधा घोड़े जैसे अशोक दिए शब्दों के इस्तेमाल कर संबोधन करने के मामले में नगर निगम के कर्मचारी द्वारा पार्षद की संभाग आयुक्त से शिकायत की गई है पार्षद बृजेश श्रीवास द्वारा ठेकेदारों को धमकाने एवं अपने पद का गलत उपयोग करने की शिकायत भी पूर्व में संभाग आयोग से किया जा चुकी है।


10 जनवरी 2024 को नगर निगम परिषद की बैठक आयोजित की गई थी । इस बैठक में वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास द्वारा नगर निगम के समस्त कर्मचारियों को चोर, जेबकतरे गधा घोड़ा जैसे शब्दों का उपयोग कर संबोधित किया गया . नगर निगम के पार्षद द्वारा इस तरह से कर्मचारियों का अपमान किए जाने पर कर्मचारियों में रोज व्याप्त है. कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की शिकायत संभाग आयुक्त को पत्र लिखकर की है . पत्र में बताया गया है की पार्षद द्वारा असहनीय भाषा का उपयोग किए जाने से कर्मचारियों के मान सम्मान को जहां ठेस पहुंची है . वहीं दूसरी ओर उनका मनोबल भी काफी गिर गया है। पार्षद बृजेश श्रीवास द्वारा कर्मचारी एवं ठेकेदारों को धमकाने एवं उनके खिलाफ अशोभनीय भाषा का उपयोग करने का यह पहला मामला नहीं है । इससे पूर्व भी पार्षद द्वारा कई ठेकेदारों को धमकाया गया है, साथ ही उनके साथ गलत व्यवहार भी किया गया । ठेकेदारों को धमकाने के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं जिससे नगर निगम की छवि धूमिल हुई है। इसकी शिकायत पूर्व में ठेकेदारों द्वारा संभाग आयुक्त से की जा चुकी है।
पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा संभाग आयुक्त को लिखे गए शिकायती पत्र में मांग की गई है की वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिससे नगर निगम के कर्मचारी एवं ठेकेदारों का मान सम्मान बचाया जा सके।

जिन कर्मचारियों को मिलना था सम्मान उन्हें पड़ी गलियां
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में ग्वालियर नगर निगम ने देश में 16 स्थान प्राप्त किया है वही प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है । इसके साथ ही नगर निगम के कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है कि ग्वालियर वाटर प्लस घोषित हो चुका है, इसका प्रशस्ति पत्र केंद्र सरकार द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को दिया गया है । इस सराहनीय कार्य के लिए जहां नगर निगम के कर्मचारी को जहां सम्मान मिलना चाहिए था वहा पार्षद बृजेश श्रीवास द्वारा मेहनतकश कर्मचारियों को जेबकतरा, चोर गधा कामचोर जैसे शब्दों का उपयोग कर अपमानित किया जा रहा है । ग्वालियर नगर निगम के कर्मचारी की मेहनत का ही नतीजा है की सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में कई बार ग्वालियर प्रदेश में बेहतर स्थान प्राप्त कर चुका है। इसके साथ ही जन कल्याण योजना में भी ग्वालियर को अच्छा स्थान मिला है।

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