नगर निगम परिषद की बैठक में छाया एलईडी घोटाला.., धरना भी दिया
ग्वालियर।
नगर निगम में 730 करोड़ रुपए की अमृत योजना में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप नई परिषद ने लगाए हैं। शुक्रवार को परिषद की बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों में कहा कि कहीं पानी की लाइनें टूट रही हैं तो कहीं सीवर लाइन चौक है । इसमें बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। इसलिए इसकी जांच कराई जानी चाहिए । काफी हंगामा मचने के बाद आखिर सभापति मनोज तोमर ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए।
हम बता दें कि इसके पहले नगर परिषद में भी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे । उस समय पार्षदों की 12 सदस्यीय जांच कमेटी बनी थी। कमेटी की जांच का कोई अंजाम तो नहीं निकला, लेकिन जांच में ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे और भ्रष्टाचार फाइलों में दबा रह गया । अब देखना है कि यह 5 सदस्यीय टीम भ्रष्टाचार उजागर करती है या भ्रष्टाचार दबा रहेगा।

ग्रामीण वार्डो के पार्षदों के साथ विधायक प्रीतिनिधि गिर्राज गुर्जर आसंदी के सामने धरने पर बैठे..
नगर निगम परिषद की अभियाचित बैठक में शुक्रवार को एलईडी लाइट का घोटाला गूंजा। उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह के विधायक प्रतिनिधि गिर्राज सिंह गुर्जर ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछली बैठक में मैंने एलईडी घोटाले का मामला उठाया था। नगर निगम अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई भी की। कॉलोनाइजर भू माफियाओं द्वारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनियो में नगर निगम के अधिकारियों से सांठगांठ करके एलईडी लगाई गई हैं। पिछले दिनों पिपरौली में बसाई जा रही एक अवैध कॉलोनी से निगम के विधुत विभाग ने 19 एलईडी भी जब्त की । लगभग 300 एलईडी मुख्य सड़क के फूलों से गायब थी। अभी एलईडी अवैध कॉलोनियों में लगा दी गई,। यह एलईडी केवल हाइड्रोलिक मशीनों से ही उतारी जा सकती हैं और हाइड्रोलिक मशीन केवल नगर निगम के पास ही है। मुद्दा उठाते ही सभापति ने कहा कि आज यह मुद्दा नहीं उठाया जाएगा । इस पर गिर्राज सिंह गुर्जर, वार्ड 66 के पार्षद उषा गुर्जर, वार्ड 64 के पार्षद मनोज सिंह यादव आसन्दी के सामने धरने पर बैठ गए।
गिर्राज सिंह ने कहा लाखों रुपए कीमत की एलईडी नगर निगम अधिकारियों ओर भू माफियाओं ने मिलकर मुख्य सड़कों के खंबो से निकालकर अवैध कॉलोनियों में लगा दी थी। विगत दिवस परिषद की बैठक में मेरे द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर नगर निगम के अधिकारियों ने उक्त कॉलोनियों से एलईडी लाइट लाइटें बरामद कर ली लेकिन मामला यह है कि यह घोटाला करने वाले नगर निगम के अधिकारी और माफियाओं के खिलाफ अब तक f.i.r. क्यों नहीं हुई? गुर्जर ने कहा कि भू माफिया अवैध कॉलोनी बसाने वाले धर्मेंद्र सिंह यादव और सुरेश सिकरवार तथा नगर निगम के अधिकारी रामबाबू दिनकर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की जानी चाहिए । सभापति ने आसंदी से नगर निगम कमिश्नर को आदेश दिया कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए और संबंधितों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई जाए।












