ग्वालियर – शहर की थाटीपुर पुलिस ने सिविल अस्पताल की महिला नर्स और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज किया है। रेलवे में पहले क्लर्क और फिर आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर बनवाने के नाम पर चार युवकों से लगभग 28 लाख रुपए महिला नर्स चंद्रलेखा जैन, भानु प्रताप सिंह बैस और विक्रम सिंह राणा ने झटक लिए थे।यह सिलसिला पिछले दो महीने से जारी था। थाटीपुर सिविल डिस्पेंसरी के पास ही मेडिकल स्टोर पर काम करने वाला मसूदपुर थाना करैया निवासी शिवम रावत काम करता था। वह फिलहाल में सुरेश नगर में रहता है।
चंद्रलेखा जैन और उसके दोनों सहयोगियों ने शिवम रावत सहित उसके रिश्तेदारों सोम रावत, पपेंद्र रावत, आलोक सिंह को रेलवे में क्लर्क बनवाने और बाद में उन्हें अच्छी कद काठी का हवाला देकर आरपीएफ में भर्ती करने का झांसा दिया था और उनसे धीरे-धीरे कर दो महीने में 28 लाख रुपए हड़प लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चारों युवकों को फर्जी कॉल लेटर भी भेजे थे। लेकिन सत्यता सामने आने के बाद जब चारों युवकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्होंने महिला सहित दोनों आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। परेशान होकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिवम रावत और उसके रिश्तेदारों ने शिकायत की ।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थाटीपुर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है ।खास बात यह है कि इसमें एक आरोपी चंद्रलेखा जैन थाटीपुर के ही शासकीय क्वार्टर में रहती है वहीं पूरा षड्यंत्र रचा गया था और पैसे भी उसी के क्वार्टर पर लिए गए थे। ऐसा फरियादियों का कहना है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। महिला नर्स चंद्रलेखा जैन की मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले शिवम रावत से अच्छी खासी पहचान थी इसी का फायदा उठाकर उसने शिवम रावत के रिश्तेदारों को नौकरी का झांसा देकर यह चूना लगाया है।












